रांची। नीट (NEET) परीक्षा को लेकर जारी देशव्यापी विवाद के बीच झारखंड की सियासत गरमा गई है। सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने सोमवार को रांची स्थित केंद्रीय कैंप कार्यालय में एक प्रेस वार्ता आयोजित कर परीक्षा संचालन और उसकी व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए केंद्र सरकार और भाजपा की कड़े शब्दों में भर्त्सना की।
परीक्षा प्रणाली और सरकारी तंत्र पर लोगों का भरोसा हुआ कमजोर: झामुमो
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए सुप्रियो भट्टाचार्य ने भारतीय वायुसेना की सराहना की और कहा कि वायुसेना ने अपने दायित्व का पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन किया है। लेकिन उन्होंने यह चिंता जताई कि परीक्षा जैसे सामान्य कार्यों में सेना की सहायता लेने की नौबत आखिर क्यों आई? उन्होंने कहा कि सेना का उपयोग प्राकृतिक आपदाओं, इमरजेंसी जैसे हालात और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में किया जाता है। यदि परीक्षा संचालन के लिए भी ऐसी असाधारण व्यवस्थाएं करनी पड़ रही हैं, तो यह सीधे तौर पर सरकारी तंत्र और परीक्षा प्रणाली की विफलता को दर्शाता है।
शिक्षा के क्षेत्र में सरकारी निवेश कम करने की रची जा रही साजिश
झामुमो के केंद्रीय महासचिव ने केंद्र सरकार की शिक्षा नीति को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा के क्षेत्र में सरकारी निवेश को लगातार कम किया जा रहा है और धीरे-धीरे पूरी व्यवस्था को निजी संस्थानों के भरोसे छोड़ने की साजिश की जा रही है। महंगे निजी मेडिकल कॉलेजों की वजह से आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए अवसर सीमित होते जा रहे हैं। उन्होंने तंज भरे लहजे में कहा कि अब तो केंद्र सरकार को अन्य प्रतियोगिता परीक्षाओं को कंडक्ट कराने की जिम्मेदारी भी ईडी (ED) और सीबीआई (CBI) जैसी एजेंसियों को सौंप देनी चाहिए।
नैतिक जिम्मेदारी लें शिक्षा मंत्री: सुप्रियो भट्टाचार्य ने दावा किया कि लाखों छात्र इस परीक्षा से जुड़े हुए हैं और उनके भविष्य को लेकर गंभीर चिंताएं बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए।
राज्यसभा चुनाव के नतीजों पर सुप्रियो का अमित शाह और मोदी पर निशाना
नीट विवाद के साथ-साथ सुप्रियो भट्टाचार्य ने झारखंड में पिछले दिनों हुए राज्यसभा चुनाव के नतीजों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि चुनावी नतीजों से साफ है कि महागठबंधन उम्मीदवार को जो 50 विधायकों का वोट मिला है, उनके नेता हेमंत सोरेन हैं। वहीं, एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी को समर्थन देने वाले एनडीए के 24 विधायकों और क्रॉस वोटिंग करने वाले 6 विधायकों के नेता अमित शाह और नरेंद्र मोदी हैं। जो तीन वोट अवैध हुए हैं, उनके नेता कौन हैं, यह अभी विचाराधीन है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी राज्यसभा चुनाव के नतीजों की विस्तृत समीक्षा करेगी।
बीजेपी ने झामुमो की मांग को नकारा, कहा- कदाचार मुक्त हुई है पुनर्परीक्षा
दूसरी तरफ, झामुमो के इस बड़े हमले पर झारखंड बीजेपी ने भी त्वरित और तीखा पलटवार किया है। बीजेपी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को पूरी तरह से खारिज कर दिया। पार्टी के मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप ने नीट परीक्षा पर सफाई देते हुए कहा कि नीट की पुनर्परीक्षा पूरी तरह से कदाचार मुक्त संपन्न हुई है, जिसमें सेना की अहम भूमिका रही है।
उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा में हुई गड़बड़ी के मामले की उच्च स्तरीय जांच चल रही है और जो भी दोषी पाए जाएंगे, केंद्र की मोदी सरकार उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शेगी नहीं। उन्होंने याद दिलाया कि कई आरोपियों पर पहले ही कड़ी कार्रवाई हो चुकी है और जांच में जैसे-जैसे नए तथ्य सामने आएंगे, कार्रवाई की रफ्तार और तेज की जाएगी।

