हजारीबाग: हजारीबाग के मालवीय मार्ग स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के भैया-बहनों ने एक बार फिर खेल के मैदान पर अपनी तकनीकी दक्षता, कड़े अभ्यास और अद्वितीय खेल भावना का परिचय देते हुए पूरे जिले को गौरवान्वित किया है। राजगीर (हसनपुर) की पावन धरती पर आयोजित हुई दो दिवसीय ’37वीं क्षेत्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता-2026′ में विद्यालय के एथलीटों ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए पदकों की झड़ी लगा दी। झारखंड और बिहार के कोने-कोने से आए सैंकड़ों प्रतिभागियों के बीच कड़े मुकाबले में इस विद्यालय के जांबाज खिलाड़ियों ने 5 स्वर्ण, 3 रजत और 2 कांस्य पदक सहित कुल 10 पदकों पर अपना एकाधिकार जमाया। इस अभूतपूर्व सफलता से पूरे विद्यालय परिवार और हजारीबाग के खेल प्रेमियों में उत्साह का माहौल है।
राजगीर के हसनपुर में दिखा हजारीबाग के भैया-बहनों का दम, 11 में से 10 ने रचा इतिहास
11 और 12 जुलाई को राजगीर के हसनपुर में आयोजित इस अंतरराज्यीय क्षेत्रीय प्रतियोगिता में मालवीय मार्ग विद्यालय से कुल 11 सदस्यीय खिलाड़ियों का दल रवाना हुआ था। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों के किक और पंच के अचूक तालमेल ने विरोधियों को पस्त कर दिया। विद्यालय के लिए सबसे गौरवपूर्ण बात यह रही कि टीम के लगभग शत-प्रतिशत खिलाड़ियों ने पोडियम फिनिश किया। 11 में से 10 खिलाड़ियों ने पदक तालिका में अपना नाम दर्ज कराकर यह साबित कर दिया कि मालवीय मार्ग का ताइक्वांडो दस्ता क्षेत्र के सबसे मजबूत दलों में से एक है।
🏆 पदक विजेताओं का स्वर्णिम रिपोर्ट कार्ड (The Medal Tally)
प्रतियोगिता के अलग-अलग भार वर्गों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता भैया-बहनों का विधिक और श्रेणीवार विवरण नीचे दी गई तालिका में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है:
| पदक की श्रेणी (Medal Type) | कुल संख्या | पदक विजेता खिलाड़ियों के नाम (Winners) |
| 🥇 स्वर्ण पदक (Gold Medal) | 05 | रजनी कुमारी, शोभा कुमारी, चाहत कुमारी, ज्योति कुमारी एवं मोहित कुमार। |
| 🥈 रजत पदक (Silver Medal) | 03 | प्रीत चौरसिया, आर्यन कुमार एवं लवली कुमारी। |
| 🥉 कांस्य पदक (Bronze Medal) | 02 | राजवीर दास एवं शिल्पी कुमारी। |
🎙️ सम्मान समारोह के मुख्य उद्बोधन: “राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय क्षितिज पर चमकने का आह्वान”
इस बड़ी सफलता के उपलक्ष्य में सोमवार को विद्यालय परिसर के मुख्य प्रांगण में एक भव्य और गरिमापूर्ण सम्मान समारोह का आयोजन वंदना सभा के दौरान किया गया। इस दौरान मंच से शिक्षाविदों और मुख्य प्रबंधकों ने खिलाड़ियों की लगन की सराहना की:
1. प्रधानाचार्य डॉ. अजय कुमार पाठक का आधिकारिक संबोधन:
“खेल केवल मनोरंजन या शारीरिक व्यायाम का साधन नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों के भीतर अनुशासन, अटूट आत्मविश्वास, कुशल नेतृत्व क्षमता तथा जीवन के संघर्षों से जूझने की संघर्षशीलता का बीज बोता है। यह सुखद परिणाम हमारे खिलाड़ियों के निरंतर कड़े अभ्यास, उनके खेल के प्रति समर्पण और हमारे योग्य प्रशिक्षकों के बेहतरीन मार्गदर्शन का नतीजा है। मैं सभी विजेता खिलाड़ियों को पूरे विद्यालय परिवार की तरफ से बधाई देता हूँ और आह्वान करता हूँ कि वे यहीं न रुकें, बल्कि आने वाले समय में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने खेल का प्रदर्शन कर विद्यालय, माता-पिता और पूरे राज्य का नाम रोशन करें।”
2. मुख्य अतिथियों एवं प्रबंध समिति का वक्तव्य:
कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ विद्यालय प्रबंधन समिति की माननीय सदस्या श्रीमती ऋचा प्रिया सिन्हा, श्रीमती बबीता देवी एवं प्रधानाचार्य डॉ. अजय कुमार पाठक ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर, भारत माता एवं माँ सरस्वती के चित्र पर श्रद्धापूर्वक पुष्पार्चन के साथ किया। अतिथियों ने सामूहिक रूप से कहा कि कला और खेल के क्षेत्र में मालवीय मार्ग के भैया-बहन हमेशा से अग्रणी रहे हैं और यह जीत आने वाली पीढ़ी के लिए एक महान प्रेरणा बनेगी।
प्रशिक्षक राजशेखर सिन्हा के अथक प्रयास और लगन से मिली बड़ी कामयाबी
खिलाड़ियों के इस सर्वकालिक सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के पीछे उनके मुख्य खेल प्रशिक्षक (कोच) राजशेखर सिन्हा की पर्दे के पीछे की कड़ी मेहनत, अथक प्रयास, तकनीकी सूझबूझ और बच्चों के प्रति समर्पण की भावना सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ रही है। उनके कुशल मार्गदर्शन में ही बच्चों ने राजगीर के मैदान पर विपरीत परिस्थितियों में भी अंक बटोरे।
समारोह के दौरान मंच का कुशल और प्रभावी संचालन विद्यालय के वरिष्ठ आचार्य मनोज कुमार पांडे ने किया। इस गौरवमयी विजीता सम्मान समारोह के शुभ अवसर पर विद्यालय के सभी आचार्य-दीदी जी, खेल प्रशिक्षक, सैकड़ों भैया-बहन और विद्यालय परिवार के तमाम सदस्य उपस्थित रहकर तालियों की गड़गड़ाहट से अपने पदकवीरों का हौसला बढ़ाते नजर आए। विद्यालय ने सभी बच्चों को उपहार और मेडल देकर उनके स्वर्णिम और उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की।


