हजारीबाग: हजारीबाग शहर के सबसे व्यस्ततम और संवेदनशील इलाकों को अपनी गिरफ्त में ले चुके अवैध पार्किंग माफिया और सालों से सड़क किनारे खड़ी जंग खा रही कबाड़ बसों के खिलाफ नगर निगम प्रशासन ने अंततः एक बड़ा और निर्णायक मोर्चा खोल दिया है। शहर के पुराना बस स्टैंड, नया बस स्टैंड, टैक्सी स्टैंड, प्रतिष्ठित संत कोलंबा कॉलेज के मुख्य द्वार के सामने और मिशन ग्राउंड के आस-पास की सड़कों पर अनधिकृत रूप से पार्क किए गए वाहनों के कारण आए दिन लग रहे भीषण जाम और आम जनता को होने वाली भारी दिक्कतों के बाद सोमवार को प्रशासन ने ग्राउंड जीरो पर उतरकर कड़ी जांच की। नगर आयुक्त, उपमहापौर अविनाश कुमार यादव और सहायक नगर आयुक्त ने संयुक्त रूप से इन चारों चिन्हित स्थलों का सघन निरीक्षण किया और मौके पर ही अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए।
- सालों से खड़ी हैं कबाड़ गाड़ियां, राहगीरों और यात्रियों का चलना हुआ दूभर
- 🗺️ अवैध पार्किंग और जाम का शिकार बने 4 प्रमुख हॉटस्पॉट (The Survey Report)
- 🎙️ प्रशासन और जन-प्रतिनिधियों का दोटूक रुख: “यात्रियों के हक के लिए कड़ाई जरूरी”
- नए ट्रैफिक प्रपोजल से बदलेगी शहर की सूरत, बोर्ड की बैठक में दी जाएगी मंजूरी
सालों से खड़ी हैं कबाड़ गाड़ियां, राहगीरों और यात्रियों का चलना हुआ दूभर
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने पाया कि शहर की जीवनरेखा कहे जाने वाले इन क्षेत्रों में कबाड़ की शक्ल अख्तियार कर चुकी कई बसें सालों से एक ही जगह पर डंप की गई हैं। इससे न केवल संबंधित इलाकों का सौंदर्य बिगड़ रहा है, बल्कि यातायात व्यवस्था भी पूरी तरह से दम तोड़ चुकी है।
पुराना बस स्टैंड, जहां लोग शाम के समय घूमने-फिरने, कॉफी पीने या यात्रा के उद्देश्य से आते हैं, वहां इन बड़ी गाड़ियों और बेतरतीब खड़े टू-व्हीलर्स के जमावड़े के कारण सामान्य यात्रियों की गाड़ियों को पार्क करने के लिए तिल भर की जगह नहीं बचती। इस गंभीर एनक्रोचमेंट (अतिक्रमण) को लेकर नगर निगम के पास पिछले कई हफ्तों से लगातार जन-शिकायतें पहुंच रही थीं।
🗺️ अवैध पार्किंग और जाम का शिकार बने 4 प्रमुख हॉटस्पॉट (The Survey Report)
नगर निगम और प्रशासनिक अधिकारियों के संयुक्त सर्वे में जिन चार सबसे संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित कर कार्रवाई की रूपरेखा तैयार की गई है, उनका पूरा ब्योरा नीचे तालिका में दिया गया है:
| चिन्हित क्षेत्र (Hotspot) | वर्तमान जमीनी समस्या का स्वरूप | प्रशासनिक विधिक कदम व रणनीति |
| पुराना बस स्टैंड | कबाड़ बसें और बेतरतीब टू-व्हीलर पार्किंग, जिससे यात्रियों व कॉफी पार्लर आने वालों को भारी असुविधा। | कनीय अभियंता (JE) नए सुव्यवस्थित ट्रैफिक एवं पार्किंग प्रपोजल का ड्राफ्ट तैयार करेंगे। |
| टैक्सी स्टैंड | व्यावसायिक भारी वाहनों की अनधिकृत दीर्घकालिक पार्किंग। | वाहन स्वामियों की पहचान कर उन्हें गाड़ी हटाने का अंतिम विधिक नोटिस भेजा जाएगा। |
| संत कोलंबा कॉलेज (सामने) | मुख्य सड़क के किनारे अवैध रूप से भारी बसों का पड़ाव, जिससे छात्रों को खतरा। | शैक्षणिक क्षेत्र को नो-पार्किंग जोन घोषित कर कड़ा पहरा बिठाया जाएगा। |
| मिशन ग्राउंड | खाली पड़ी सरकारी भूमि पर महीनों से जंग खा रहे वाहनों का गैरकानूनी डंपिंग यार्ड। | 10 से 15 दिनों के भीतर कबाड़ गाड़ियां न हटने पर सीधे जब्ती और जुर्माना होगा। |
🎙️ प्रशासन और जन-प्रतिनिधियों का दोटूक रुख: “यात्रियों के हक के लिए कड़ाई जरूरी”
निरीक्षण के बाद मीडिया के तीखे सवालों का सामना करते हुए प्रशासनिक कर्णधारों ने अपने इरादे बिल्कुल साफ कर दिए:
1. उपमहापौर अविनाश कुमार यादव का आधिकारिक वक्तव्य:
“पुराना स्टैंड, टैक्सी स्टैंड और संत कोलंबा कॉलेज के सामने बसों को अवैध रूप से खड़ा करने की लगातार शिकायतें हमें मिल रही थीं, जिससे राहगीरों और छात्रों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसलिए नगर आयुक्त और मैंने खुद मौके पर जाकर स्थिति देखी। कई गाड़ियां सालों से वहां सड़ रही हैं। विभागीय नियम के तहत हम किसी की संपत्ति को बिना सूचना दिए तुरंत नहीं हटा सकते। इसलिए हम वाहन मालिकों को 10 से 15 दिनों का एक निश्चित समय दे रहे हैं। वे स्वेच्छा से अपनी गाड़ियां हटा लें, अन्यथा समय सीमा समाप्त होते ही नगर निगम बलपूर्वक गाड़ियां जब्त करने और कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र होगा।”
2. नगर आयुक्त का विधिक एवं सुधारात्मक दृष्टिकोण:
“डिप्टी मेयर और सहायक नगर आयुक्त के साथ मिलकर हमने पुराना बस स्टैंड, टैक्सी स्टैंड, संत कोलंबा कॉलेज और मिशन ग्राउंड क्षेत्र का सघन सर्वे किया है। प्रथम दृष्टया यह साफ है कि बड़े पैमाने पर वाहनों की अनधिकृत पार्किंग की जा रही है। प्राप्त हो रही शिकायतों के आधार पर जांच कर संबंधित वाहन स्वामियों को विधिक नोटिस निर्गत किया जाएगा। यात्रियों की असुविधा को दूर करने के लिए पुराना बस स्टैंड में एक नया और सुव्यवस्थित पार्किंग सिस्टम लागू करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए कनीय अभियंता (जेई) को एक विस्तृत तकनीकी प्रपोजल तैयार करने का आदेश दिया गया है, जिसे जल्द ही बोर्ड की बैठक में रखकर स्वीकृति दिलाई जाएगी और धरातल पर उतारा जाएगा।”
नए ट्रैफिक प्रपोजल से बदलेगी शहर की सूरत, बोर्ड की बैठक में दी जाएगी मंजूरी
प्रशासन का मानना है कि केवल नोटिस भेजने से यह समस्या हमेशा के लिए हल नहीं होगी। इसीलिए नगर आयुक्त ने कनीय अभियंता को निर्देश दिया है कि वे पूरे पुराने बस स्टैंड परिसर का एक आधुनिक नक्शा और सुचारु ट्रैफिक रूट तैयार करें, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि टू-व्हीलर, फोर-व्हीलर और बसों के रुकने का स्थान अलग-अलग और सुव्यवस्थित हो। इस योजना को जल्द ही नगर निगम के बोर्ड के समक्ष विचार और अंतिम स्वीकृति के लिए रखा जाएगा। फिलहाल, निगम की इस औचक कार्रवाई से उन बस ऑपरेटरों और दबंगों में हड़कंप मच गया है जो सरकारी सड़कों और मैदानों को अपनी जागीर समझकर सालों से कबाड़ गाड़ियां डंप कर रहे थे।


