हजारीबाग जिला तैराकी चैंपियनशिप: कन्हरी के तरणताल में 115 बाल तैराकों ने काटा गदर, पानी की लहरों पर दिखी रफ्तार की जंग

चौथी जूनियर एवं सब-जूनियर प्रतियोगिता संपन्न; सांसद मनीष जायसवाल ने किया शुभारंभ, एसोसिएशन के अध्यक्ष हर्ष अजमेरा ने उठाई अंतरराष्ट्रीय स्तर के इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक प्रशिक्षण की मांग

संध्या न्यूज-sandhya news
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तैराकी चैंपियनशिप
मुख्य बिंदु
  • प्रतिष्ठित आयोजन: हजारीबाग डिस्ट्रिक्ट स्विमिंग एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित 4वीं जूनियर एवं सब-जूनियर जिला तैराकी चैंपियनशिप-2026।
  • शानदार वेन्यू: कन्हरी के सुरम्य पर्वतीय क्षेत्र में स्थित 'द अनंता बाय द हिल' का अत्याधुनिक स्विमिंग पूल परिसर।
  • रिकॉर्ड भागीदारी: जिले के सुदूर ग्रामीण अंचलों और शहरी क्षेत्रों से आए कुल 115 प्रतिभावान तैराक (बालक वर्ग: 90, बालिका वर्ग: 25)।
  • मुख्य संदेश: खेल युवाओं में अनुशासन और आत्मविश्वास का संचार करते हैं; उचित इंफ्रास्ट्रक्चर मिले तो हजारीबाग के बच्चे राष्ट्रीय पटल पर मेडल जीतेंगे।

हजारीबाग: झारखंड के खेल मानचित्र पर अपनी एक विशिष्ट पहचान बना चुके हजारीबाग जिले के लिए रविवार का दिन जल-क्रीड़ा के क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर साबित हुआ। कन्हरी की पहाड़ियों की गोद में स्थित ‘द अनंता बाय द हिल’ के आधुनिक तरणताल (स्विमिंग पूल) में पानी की लहरों के बीच रफ्तार, स्टेमिना और खेल कौशल का अद्भुत रोमांच देखने को मिला। अवसर था हजारीबाग डिस्ट्रिक्ट स्विमिंग एसोसिएशन द्वारा आयोजित ‘चौथी जूनियर एवं सब-जूनियर जिला तैराकी चैंपियनशिप-2026’ का। इस एक दिवसीय महाकुंभ में जिले भर के 115 नन्हे और युवा गोताखोरों ने हिस्सा लेकर अपनी खेल प्रतिभा का ऐसा लोहा मनवाया कि वहां मौजूद तकनीकी अधिकारी, अभिभावक और खेल प्रेमी दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर हो गए।

दीप प्रज्वलन के साथ हुआ शंखनाद: सांसद मनीष जायसवाल ने बढ़ाया उत्साह

प्रतियोगिता का विधिवत और भव्य उद्घाटन मुख्य अतिथि हजारीबाग के लोकप्रिय सांसद मनीष जायसवाल ने दीप प्रज्वलित कर किया। उनके साथ मंच पर विशिष्ट अतिथियों की पूरी श्रृंखला मौजूद थी। अपने उद्घाटन भाषण में सांसद ने खेल की महत्ता को मानव जीवन के विकास की सबसे अनिवार्य कड़ी बताया।

सांसद मनीष जायसवाल ने युवा खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा:

“खेल केवल पदक जीतने, प्रमाण पत्र हासिल करने या महज मनोरंजन का साधन नहीं हैं। वास्तव में खेल युवाओं के भीतर कड़ा अनुशासन, अटूट आत्मविश्वास, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता, नेतृत्व गुण (Leadership Quality) और एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने की सबसे बड़ी पाठशाला हैं। आज हजारीबाग के इन छोटे-छोटे बच्चों की आंखों में जो चमक और पानी को चीरकर आगे बढ़ने की जिद दिखाई दे रही है, वह इस बात का प्रमाण है कि हमारे जिले में प्रतिभाओं का समंदर बह रहा है। मुझे पूरा विश्वास है कि आने वाले समय में यही तैराक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय फलक पर हजारीबाग और पूरे झारखंड राज्य का नाम रोशन करेंगे।”

उन्होंने सभी नन्हे प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और एसोसिएशन के इस प्रयास को जिले के खेल इतिहास के लिए एक बेहतरीन कदम बताया।

स्पर्धाओं का तकनीकी विश्लेषण: फ्री-स्टाइल से लेकर बटरफ्लाई तक का दिखा रोमांच

उद्घाटन सत्र की समाप्ति के तुरंत बाद विभिन्न आयु वर्गों (अंडर-11, अंडर-14 और अंडर-17 जूनियर व सब-जूनियर श्रेणियों) की स्पर्धाएं शुरू हुईं। प्रतियोगिता में कुल 115 तैराकों ने अपनी प्रशासनिक और तकनीकी क्षमता का परिचय दिया, जिसमें बालक वर्ग से 90 और बालिका वर्ग से 25 तैराकों की भागीदारी रही, जो महिला सशक्तिकरण और खेलों के प्रति बदलती सामाजिक सोच को प्रदर्शित करता है।

स्विमिंग पूल के अलग-अलग लेनों में जब रेफरी की सीटी बजी, तो खिलाड़ियों ने पानी में गोता लगाकर अपनी रफ्तार का प्रदर्शन किया। 50 मीटर और 100 मीटर की फ्री-स्टाइल (Free-Style), बैक-स्ट्रोक (Back-Stroke), ब्रेस्ट-स्ट्रोक (Breast-Stroke) और सबसे कठिन मानी जाने वाली बटरफ्लाई (Butterfly) स्पर्धाओं में धावकों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिला। सेकेंड के सौवें हिस्से (Microseconds) के अंतर से खिलाड़ियों की हार-जीत का फैसला हो रहा था, जिसने तरणताल के किनारे बैठे दर्शकों की धड़कनें बढ़ा दी थीं।

“उचित प्रशिक्षण और इंफ्रास्ट्रक्चर मिले तो नेशनल मेडल दूर नहीं” — हर्ष अजमेरा

दोपहर बाद आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य रूप से विशिष्ट अतिथि श्रद्धानंद सिंह उपस्थित हुए। उन्होंने विजेताओं की हौसलाअफजाई करते हुए उन्हें मेडल प्रदान किए। इस दौरान हजारीबाग डिस्ट्रिक्ट स्विमिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष हर्ष अजमेरा ने जिले में तैराकी के भविष्य और चुनौतियों पर बड़ी बेबाकी से अपनी बात रखी।

हर्ष अजमेरा ने एसोसिएशन का विजन साझा करते हुए कहा:

“हजारीबाग के तैराकों ने पिछले कुछ वर्षों में सीमित संसाधनों के बावजूद राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में निरंतर पदक जीतकर अपनी श्रेष्ठता साबित की है। हमारे बच्चों में नेचुरल टैलेंट है, लेकिन आज के दौर में केवल प्राकृतिक हुनर काफी नहीं है। यदि इन प्रतिभावान खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं, सालभर अभ्यास के लिए ऑल-वेदर (All-Weather) स्विमिंग पूल, बेहतर डाइट और वैज्ञानिक मार्गदर्शन मिले, तो ये बच्चे राष्ट्रीय स्तर पर झारखंड के लिए स्वर्ण पदकों की झड़ी लगा सकते हैं। हमारी संस्था इसके लिए लगातार प्रयासरत है और हम सरकार व प्रशासन से भी खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की अपील करते हैं।”

इन गणमान्य लोगों की उपस्थिति ने बढ़ाया खिलाड़ियों का मान

इस खेल महाकुंभ को सफल बनाने और खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने के लिए हजारीबाग के खेल, सामाजिक और शैक्षणिक जगत से जुड़े कई दिग्गज पूरे समय मैदान में डटे रहे। उद्घाटन और पुरस्कार वितरण के विभिन्न सत्रों में हजारीबाग डिस्टिक स्विमिंग एसोसिएशन के सचिव डॉ. प्रह्लाद सिंह, समाजसेवी राकेश गुप्ता, भाजपा नेत्री शेफाली गुप्ता, राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित वरिष्ठ शिक्षक अशोक कुमार, प्रो. विकास श्रीवास्तव, रवि शर्मा मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

इसके अतिरिक्त विनोबा भावे विश्वविद्यालय (VBU) के खेल विभाग से जुड़े विकास कुमार व रंजन चौधरी, अभिमन्यु प्रसाद, अनवर हुसैन, सत्यदेव सिंह, रौनक ग्रोवर, आर्कश, कपिल जैन, सुमित जायसवाल, डॉ. जितेंद्र, आकाश, अंकुल और रचित ग्रोवर ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर बाल तैराकों को भविष्य में हरसंभव सहयोग देने का भरोसा दिया।

पर्दे के पीछे के नायक: तकनीकी टीम का सटीक प्रबंधन

इतने बड़े पैमाने पर आयोजित इस जिला स्तरीय चैंपियनशिप का बिना किसी तकनीकी त्रुटि के सफल संचालन सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती थी, जिसे एसोसिएशन की ऑफिशियल टेक्निकल टीम ने बखूबी अंजाम दिया। पूरे टूर्नामेंट का मंच संचालन और रेफरी समन्वय एसोसिएशन के सचिव डॉ. प्रह्लाद सिंह ने किया।

उनके साथ तकनीकी रेफरी, टाइमर, जज और लाइफगार्ड की महत्वपूर्ण भूमिकाओं में मनु कुमार राणा, सत्यम कुमार, गणपति राम, बाबूलाल राम, ऋषभ रविदास, ऋतिक राणा, गौरव कुमार राणा, बेंजामिन बरोई, रविंद्र कुमार, कुमकुम कुमारी एवं मोहम्मद जीशान सहित अन्य खेल अधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभाई। पानी के अंदर और बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

अनंता बाय द हिल प्रबंधन के प्रति जताया आभार, खेल के नए युग की शुरुआत

चैंपियनशिप के समापन पर स्विमिंग एसोसिएशन ने इस भव्य आयोजन में रीढ़ की हड्डी बनने वाले ‘द अनंता बाय द हिल’ के प्रबंधन एवं उसके निदेशकों के प्रति विशेष रूप से आभार व्यक्त किया। प्रबंधन ने न केवल अपना अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्विमिंग पूल परिसर निशुल्क उपलब्ध कराया, बल्कि खिलाड़ियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए अपने पूरे स्टाफ को तैनात रखा।

अंत में एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सभी प्रतिभागी बच्चों, दूर-दराज से आए उनके अभिभावकों, तकनीकी अधिकारियों और मीडिया कर्मियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस प्रकार की जमीनी प्रतियोगिताएं जिले में तैराकी के खेल को एक नई और वैज्ञानिक दिशा देंगी। इस चैंपियनशिप से चुने गए उत्कृष्ट तैराकों को अब आगे की राज्य और राष्ट्रीय स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए एसोसिएशन द्वारा विशेष कैंप लगाकर तैयार किया जाएगा, जो हजारीबाग के खेल इतिहास में एक नए स्वर्णिम युग की शुरुआत है।

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