हजारीबाग: हजारीबाग शहर को विज्ञापनों के मकड़जाल और हादसों के जोन में तब्दील करने वाले अवैध होर्डिंग माफियाओं की अब खैर नहीं है। नगर निगम की बोर्ड बैठक में लिए गए एक बड़े और महत्वपूर्ण फैसले के बाद हजारीबाग के महापौर श्री अरविंद कुमार राणा ने शहर के सभी अवैध होर्डिंग्स, बैनर और भारी-भरकम यूनिपोल को हटाने का सख्त आदेश जारी कर दिया है। निगम ने साफ चेतावनी दी है कि 72 घंटे के भीतर अगर एजेंसियों ने अपने अवैध बोर्ड नहीं हटाए, तो निगम का बुलडोजर उन्हें उखाड़ फेंकेगा और इस कार्रवाई में होने वाले खर्च की पाई-पाई संबंधित फर्म से वसूली जाएगी।
“रात के अंधेरे में खड़ी हो रहीं मौत की संरचनाएं, राजस्व का हो रहा बड़ा नुकसान”
हजारीबाग के प्रमुख चौक-चौराहों पर बिना टैक्स चुकाए और बिना किसी सुरक्षा मानकों के खड़े किए गए इन होर्डिंग्स को लेकर महापौर अरविंद कुमार राणा ने तीखे तेवर अपनाए हैं।
महापौर ने कहा:
“शहर के पीटीसी चौक, भारत माता चौक, इमली कोठी, शिमरा रेस्ट हाउस के सामने और लेक एरिया (झील क्षेत्र) जैसी वीआईपी जगहों पर कई बड़े होर्डिंग्स बिना अनुमति और बिना रजिस्ट्रेशन के लगा दिए गए हैं। इनमें से कई तो रात के अंधेरे में गुपचुप तरीके से खड़े किए गए हैं, जो सीधे तौर पर नगर निगम के राजस्व की चोरी है। हम शहर की सुरक्षा, सौंदर्यीकरण और निगम के खजाने के नुकसान से कोई समझौता नहीं करेंगे। यह अवैध खेल अब बंद होगा।”
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निगम की इस अचानक आई सख्ती के पीछे एक हालिया दुर्घटना भी बड़ी वजह है। कुछ ही दिन पहले शहर में एक असुरक्षित ढंग से लगा होर्डिंग भरभरा कर गिर गया था, जिसकी चपेट में आने से एक राहगीर गंभीर रूप से जख्मी हो गया था। इस हादसे के बाद शहरवासियों में भारी आक्रोश था।
महापौर ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित 72 घंटों के भीतर विज्ञापन एजेंसियों ने अनुपालन प्रतिवेदन (Compliance Report) निगम को नहीं सौंपा, तो निगम अपने संसाधनों से इन्हें जब्त करेगा। इसके साथ ही दोषी पक्षों के खिलाफ नियमों के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कराकर कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।


