Hazaribagh DPS Student Case: विक्की कुमार अपहरण मामले में आया नया मोड़, दूसरे पक्ष ने लगाए छेड़खानी और मारपीट के गंभीर आरोप

'अपहरण और फिरौती' की कहानी को आरोपियों ने बताया झूठा; छात्रा ने लगाया हैरासमेंट और बैड टच का आरोप, डीपीएस की प्रिंसिपल प्रेमलता कुमारी ने भी जताई कई बातों पर आशंका

manish kumar
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मुख्य बिंदु
  • अपहरण का दावा खारिज: आरोपी अर्पित सिंह और ऋषभ सिंह ने किडनैपिंग, चाकू दिखाने और 10 लाख की फिरौती के आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया।
  • छात्रा ने लगाए गंभीर आरोप: डीपीएस की 7वीं क्लास की छात्रा ने विक्की कुमार पर स्कूल में हैरासमेंट, बैड टच और इंस्टाग्राम पर गंदी गालियां देने का आरोप लगाया।
  • तेजाब फेंकने की धमकी: लिखित प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, विक्की पर छात्रा के मुंह पर तेजाब फेंकने और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है।
  • 16 मई की हिंसक झड़प: आरोपियों का दावा है कि 16 मई को विक्की और उसके 30-40 साथियों ने उन पर हमला किया था, जिसमें ऋषभ का सिर फट गया और 10 टांके आए थे।
  • प्रिंसिपल का बयान: डीपीएस हजारीबाग की प्रिंसिपल प्रेमलता कुमारी ने दिन-दहाड़े भीड़भाड़ वाले इलाके से हुए कथित अपहरण की थ्योरी और विक्की के दावों पर कई संदेह जताए हैं।

संध्या न्यूज ब्यूरो / हजारीबाग: Hazaribagh DPS Student Case: हजारीबाग के बहुचर्चित डीपीएस हुरहुरू के 9वीं के छात्र विक्की कुमार के कथित अपहरण मामले में अब एक नया और बेहद चौंकाने वाला मोड़ आ गया है। जहाँ एक दिन पूर्व छात्र के पिता ने 5 नामजद युवकों पर दिन-दहाड़े किडनैपिंग और फिरौती मांगने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया था, वहीं अब दूसरे पक्ष (आरोपियों), पीड़ित छात्रा और स्कूल की प्रिंसिपल का बयान सामने आने के बाद पूरी कहानी पलटती हुई नजर आ रही है। दूसरे पक्ष ने इसे अपहरण नहीं, बल्कि स्कूल की छात्रा से छेड़खानी (हैरासमेंट) के विरोध और आपसी मारपीट का मामला बताया है। आरोपियों ने बड़ा बाजार थाने में अपनी बेगुनाही के सबूतों के साथ लिखित आवेदन भी सौंप दिया है।

7वीं की छात्रा का आरोप: “मना करने पर विक्की इंस्टाग्राम पर देता था गंदी गालियां, करता था टॉर्चर”

Hazaribagh DPS Student Case: मामले में सामने आई पीड़ित छात्रा ने खुलकर अपनी आपबीती बताई है। छात्रा के अनुसार, “विक्की कुमार मुझे स्कूल में लगातार परेशान (हैरास) करता था। वह बैड टच करता था और दूर से खड़े होकर गंदी नजरों से देखता था। जब उसने मुझे प्रपोज किया और मैंने साफ मना कर दिया, तो उसने इंस्टाग्राम पर मैसेज करके मुझे बहुत गंदी-गंदी गालियां दीं। उसने मेरी बॉडी को लेकर बेहद आपत्तिजनक बातें लिखीं।”

लिखित शिकायत के मुताबिक, विक्की कुमार छात्रा पर जबरन दोस्ती करने का दबाव बनाता था। विरोध करने पर वह अपने पिता के रसूख की धमकी देता था कि ‘मेरे पापा बड़े नेता हैं, हजारीबाग में मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। अगर दोस्ती नहीं की तो चेहरे पर तेजाब फेंककर शरीर खराब कर देंगे और जान से मार देंगे।’ इसी प्रताड़ना से तंग आकर छात्रा ने अपने सीनियर अर्पित भैया (आरोपी) से मदद मांगी थी।

Hazaribagh DPS Student Case: आरोपी अर्पित और ऋषभ का पक्ष: “अपहरण नहीं किया, मारुति सुजुकी शोरूम के पास खुद छोड़ा”

Hazaribagh DPS Student Case: काली टी-शर्ट पहने आरोपी युवक अर्पित सिंह ने रिपोर्टर से बातचीत में कहा कि वह 10वीं का छात्र है। जब उसकी बहन की सहेली (7वीं की छात्रा) ने विक्की द्वारा रोज टॉर्चर किए जाने की बात बताई, तो वह विक्की को समझाने गया था। अर्पित के मुताबिक, “विक्की ने वहां अपने पिता के नाम की धौंस जमाई और गाली-कॉलेज की, जिसके बाद मैंने उसे तीन-चार थप्पड़ मारे थे।”

अर्पित और नीली टी-शर्ट पहने ऋषभ सिंह ने बताया कि इसी बात की रंजिश में 16 मई 2026 की शाम को मरखम कॉलेज और वीसीएस के पास विक्की, सुमित, कृष और उनके साथ आए 30-40 लड़कों ने उन पर फाइटर, कड़ा और बेल्ट से अचानक जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में बीच-बचाव करने आए ऋषभ सिंह का सिर पीछे से दो जगह से फट गया, जिसमें उसे 10 टांके लगाने पड़े। ऋषभ ने रिपोर्टर को अपनी इंजरी रिपोर्ट और तस्वीरें भी दिखाईं।

किडनैपिंग के आरोप पर दोनों ने कहा, “परसों हम लोग विक्की से सिर्फ इसलिए बात करने गए थे कि चलो तुम्हारे भैया के पास बैठकर इस विवाद को सुलझाते हैं। हमने कोई अपहरण नहीं किया। हमने उसे बड़कागांव रोड स्थित ‘आई लव हजारीबाग’ और मारुति सुजुकी शोरूम के पास सुरक्षित छोड़ा है। पुलिस चाहे तो वहां का सीसीटीवी फुटेज चेक कर सकती है।”

डीपीएस प्रिंसिपल प्रेमलता कुमारी ने कहा: “विक्की की कहानी में अधूरापन, कई संदेह उपजते हैं”

Hazaribagh DPS Student Case

Hazaribagh DPS Student Case: इस पूरे मामले पर दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS), हजारीबाग की प्रिंसिपल प्रेमलता कुमारी ने बेहद संतुलित लेकिन गंभीर बयान दिया है। उन्होंने कथित अपहरण की घटना पर संदेह जताए हुए कहा:

“इतनी भीड़भाड़ वाला इलाका, दिन-दहाड़े 12:40 का समय, जहां स्कूल की बसें, वैन, पैरेंट्स और स्टाफ ड्यूटी पर होते हैं—वहां सबके बीच से किसी को जबरदस्ती ले जाना कई संदेह पैदा करता है। मुझे विक्की और उसके अभिभावकों की बातों में कुछ अधूरापन सा लगा। अफ़सोस की बात यह है कि जब बच्चा 25 तारीख को 4:30 बजे तक घर नहीं पहुँचा, तो पैरेंट्स ने स्कूल को इसकी कोई जानकारी नहीं दी। विक्की को भी अगर कोई परेशानी थी, तो उसने कभी टीचर, प्रिंसिपल या ऑफिस से बात शेयर नहीं की।”

प्रिंसिपल ने आगे कहा कि जिन अन्य बच्चों के नाम आ रहे हैं, वे उनके स्कूल के नहीं हैं, लेकिन टीनऐज (Teenage) के बच्चों का इस तरह की हिंसा और विवादों में शामिल होना समाज और अभिभावकों के लिए चिंता का विषय है। स्कूल प्रशासन पुलिस और थाना को पूरी तरह सहयोग कर रहा है और छात्र व उसके माता-पिता के डिटेल्स प्रोवाइड करा दिए गए हैं।

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