झारखंड के कोयला अंचल में अवैध खनन और तस्करी के खिलाफ केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की है। गृह मंत्रालय के सख्त निर्देशों और खान एवं खनिज अधिनियम, 1957 के संशोधित प्रावधानों के तहत मिले वैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए सीआईएसएफ इकाई, एनटीपीसी-सीएमपी, हजारीबाग ने कोयला माफियाओं की कमर तोड़ दी है। वरिष्ठ कमांडेंट श्री विवेक शर्मा के सीधे निर्देशन में चलाए गए इस विशेष अभियान के बाद पूरे कोयलांचल के तस्करों में हड़कंप मच गया है।
- ’13 माइल चौक’ पर आधी रात को बिछाया गया जाल
- दो ट्रक ऑन-द-स्पॉट पकड़े गए, ओडिशा नंबर से अंतर्राज्यीय सिंडिकेट का शक
- बाइक के जरिए हो रही थी ‘गोरिल्ला तस्करी’
- फिल्मी अंदाज में पीछा: नाका तोड़कर भागे दो ट्रक, 7 किलोमीटर दूर लावारिस मिले
- कुल जब्ती और गिरफ्तार तस्करों का पूरा ब्यौरा
- “जब तक तस्करी जड़ से खत्म नहीं होगी, कार्रवाई जारी रहेगी”
’13 माइल चौक’ पर आधी रात को बिछाया गया जाल
यह पूरा घटनाक्रम 09 जुलाई 2026 की रात का है, जब सीआईएसएफ की खुफिया टीम (CISF) को गुप्त सूचना मिली थी कि बड़कागांव कोयला खदान क्षेत्रों से अवैध रूप से खनन किया गया भारी मात्रा में कोयला ट्रकों और मोटरसाकिलों के जरिए बाहर भेजने की तैयारी है। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए वरिष्ठ कमांडेंट ने एक विशेष टीम का गठन किया और सीआईएसएफ के जवानों ने बड़कागांव क्षेत्र के रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण 13 माइल चौक पर नाकाबंदी कर दी। रात के सन्नाटे में आने-जाने वाले हर छोटे-बड़े संदिग्ध वाहन की सघन जांच शुरू की गई।
दो ट्रक ऑन-द-स्पॉट पकड़े गए, ओडिशा नंबर से अंतर्राज्यीय सिंडिकेट का शक
जांच के दौरान सीआईएसएफ (CISF) टीम ने कोयले से लदे दो विशाल ट्रकों को रोका, जिनके नंबर जेएच 02 एपी 2225 और ओडी 04 L 9311 हैं। ओडिशा नंबर का ट्रक होने से इस पूरे खेल में अंतर्राज्यीय सिंडिकेट का शक गहरा गया है। जब चालकों से कोयले के वैध कागजात मांगे गए, तो वे बगले झांकने लगे। कड़ाई से पूछताछ करने पर स्पष्ट हो गया कि यह पूरी खेप अवैध खनन के जरिए जुटाई गई थी, जिसके बाद सीआईएसएफ ने दोनों ट्रकों को चालकों सहित मौके पर ही धर दबोचा।
बाइक के जरिए हो रही थी ‘गोरिल्ला तस्करी’
इसी नाकेबंदी के दौरान टीम (CISF) ने देखा कि दो अलग-अलग मोटरसाकिलों, जिनका नंबर जेएच 09 L 4241 और जेएच 01 AJ 5738 है, पर बोरियों में भरकर करीब 450 किलोग्राम अवैध कोयला खपाने की कोशिश की जा रही थी। मौके से इन दोनों बाइक सवारों को भी गिरफ्तार कर लिया गया, जो मुख्य रास्तों से बचकर छोटी खेप निकालने के चक्कर में थे।
फिल्मी अंदाज में पीछा: नाका तोड़कर भागे दो ट्रक, 7 किलोमीटर दूर लावारिस मिले
कार्रवाई अभी चल ही रही थी कि दूर से आते दो अन्य ट्रकों को (CISF) सीआईएसएफ जवानों ने रुकने का इशारा किया। लेकिन खुद को घिरता देख चालकों ने ट्रकों की रफ्तार बढ़ा दी और बैरिकेडिंग को छकाते हुए नाका बिंदु से तेज गति से फरार हो गए। इसके बाद सीआईएसएफ के जांबाज जवानों ने तुरंत अपने वाहनों से उन भगोड़े ट्रकों का फिल्मी अंदाज में पीछा करना शुरू किया। रात के अंधेरे में बड़कागांव की सड़कों पर करीब 7 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद तस्करों को समझ आ गया कि वे सीआईएसएफ से बच नहीं पाएंगे। पकड़े जाने के डर से चालक और उनके खलासी ट्रकों को सड़क किनारे लावारिस हालत में छोड़कर जंगलों और अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले। जवानों ने इन दोनों ट्रकों, जिनका पंजीकरण संख्या जेएच 05 डीएस 6488 एवं जेएच 02 बीबी 7975 है, को अपने कब्जे में ले लिया।
कुल जब्ती और गिरफ्तार तस्करों का पूरा ब्यौरा
इस पूरे महा-अभियान के दौरान (CISF) सीआईएसएफ ने कुल लगभग 150.9 टन अवैध कोयला बरामद किया है। मौके से गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों की पहचान विजय यादव (पिता जगन्नाथ यादव), तुलश्वर कुमार मेहता (पिता किशोरी मेहता), पुरुषोत्तम कुमार (पिता नेटलाल महतो) और कुलदीप साव (पिता उदय साव) के रूप में हुई है। सीआईएसएफ ने जब्त किए गए सभी चारों ट्रकों, दोनों मोटरसाकिलों और 150.9 टन कोयले को आगे की कानूनी कार्रवाई और प्राथमिकी दर्ज करने के लिए बड़कागांव थाना को सुपुर्द कर दिया है। पुलिस फरार चालकों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी के लिए सघन छापेमारी कर रही है।
“जब तक तस्करी जड़ से खत्म नहीं होगी, कार्रवाई जारी रहेगी”
इस बड़ी कामयाबी पर (CISF) सीआईएसएफ के उच्च अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि राष्ट्रीय संपत्ति की लूट किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीआईएसएफ ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अवैध खनन और कोयला तस्करी के खिलाफ यह अभियान थमेगा नहीं। जब तक क्षेत्र से इस नेटवर्क का पूरी तरह खात्मा नहीं हो जाता, तब तक स्थानीय पुलिस और संबंधित एजेंसियों के साथ तालमेल बिठाकर ऐसी सर्जिकल स्ट्राइक जारी रहेगी। फिलहाल बड़कागांव पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि इस अवैध कोयले का मुख्य किंगपिन कौन है और यह खेप किस स्थानीय डिपो या भट्ठे में गिराई जानी थी।


