संध्या न्यूज ब्यूरो / हजारीबाग: Hazaribagh Crime News: मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के एक गांव में इंसानियत को तार-तार कर देने वाली एक बेहद संवेदनशील और खौफनाक घटना सामने आई है। यहां एक कलयुगी दरिंदे ने सारी हदें पार करते हुए एक 11 वर्षीय मानसिक रूप से दिव्यांग नाबालिग बच्ची को अपनी हवस का शिकार बना डाला। इस घिनौनी वारदात की क्रूरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आरोपी ने दरिंदगी के दौरान मासूम के साथ बेरहमी से मारपीट भी की, जिससे वह बेहोश हो गई। हालांकि, ग्रामीणों की सजगता के कारण आरोपी भागने में नाकाम रहा और उसे मौके पर ही रंगे हाथ दबोच लिया गया।
घर में अकेली थी बेबस मासूम, दरिंदे ने उठाया लाचारी का फायदा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना रविवार दोपहर बाद की है। पीड़िता का परिवार बेहद गरीब है और उसकी मां रोजाना की तरह दोपहर करीब 3 बजे अपनी बकरियां चराने के लिए घर से बाहर खेत की तरफ गई हुई थी। घर में उसकी 11 वर्षीय मानसिक रूप से कमजोर बेटी बिल्कुल अकेली थी।
इसी बेबसी का फायदा उठाकर एक अधेड़ शख्स (50 वर्ष) दबे पांव घर के भीतर दाखिल हो गया। आरोपी ने मासूम की लाचारी का फायदा उठाते हुए उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। जब दर्द से कराहती बच्ची ने विरोध करने की कोशिश की, तो आरोपी ने उसके साथ बुरी तरह मारपीट की, जिसके कारण मासूम बदहवास होकर वहीं बेहोश हो गई।
मां का शोर सुनकर उमड़ा ग्रामीणों का आक्रोश, आरोपी की जमकर धुनाई
शाम करीब 5 बजे जब पीड़िता की मां बकरियां चराकर अपने घर वापस लौटी, तो कमरे का नजारा देखकर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। उसने आरोपी को अपनी तड़पती हुई बेटी के साथ घिनौनी हरकत करते हुए रंगे हाथ देखा। इस खौफनाक मंजर को देख मां के हलक से चीख निकल गई।
महिला ने बिना डरे शोर मचाना शुरू किया, जिसे सुनकर आस-पास के ग्रामीण और पड़ोसी लाठी-डंडे लेकर तुरंत मौके पर दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने कमरे को घेरकर भागने की कोशिश कर रहे आरोपी को रंगे हाथ दबोच लिया। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने आरोपी की जमकर सुताई की और तुरंत इसकी सूचना स्थानीय मुफ्फसिल थाना पुलिस को दी।
पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज, स्पीडी ट्रायल कराकर दिलाई जाएगी कड़ी सजा
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मुफ्फसिल थाना पुलिस तुरंत दलबल के साथ गांव पहुंची और आरोपी को ग्रामीणों के चंगुल से छुड़ाकर अपनी हिरासत में ले लिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़िता को तत्काल चिकित्सकीय जांच और उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा है, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है।
थाना प्रभारी का आधिकारिक वक्तव्य
“पीड़िता की मां द्वारा दिए गए लिखित आवेदन के आधार पर आरोपी के खिलाफ पोक्सो (POCSO) एक्ट, दुष्कर्म और मारपीट की सुसंगत और गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। कानूनन पीड़िता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी गई है और मामले की स्पीडी ट्रायल कराकर आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।”
इनसेट: मानसिक दिव्यांगता और लाचारी पर भी नहीं पसीजा दरिंदे का दिल
इस घटना ने एक बार फिर समाज के भीतर छिपे भेड़ियों की बीमार मानसिकता को उजागर कर दिया है। एक तरफ जहां पूरा देश महिला और बाल सुरक्षा पर गंभीर बहस कर रहा है, वहीं हजारीबाग के ग्रामीण इलाके में एक ऐसी बच्ची को निशाना बनाया गया जो अपनी आपबीती ठीक से बयां करने की स्थिति में भी नहीं थी। ग्रामीणों ने आरोपी को दबोचकर जो सजगता दिखाई है, वह काबिले तारीफ है, लेकिन समाज में मासूमों की सुरक्षा को लेकर अब भी कई बड़े सवाल खड़े हैं।


