धनबाद/हजारीबाग: केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने केंद्रीय गृह मंत्री के कड़े निर्देशों पर झारखंड और पश्चिम बंगाल के कोयला अंचलों में ‘जीरो कोल लीकेज’ अभियान के तहत अब तक की सबसे बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। पांच दिनों तक चले इस ताबड़तोड़ विशेष अभियान के दौरान सीआईएसएफ ने विभिन्न खदानों से चोरी और अवैध निकासी किए गए कुल 578 मीट्रिक टन से अधिक कोयले की विशाल खेप जब्त की है। इस महा-अभियान के तहत भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल), सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) और ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) के इलाकों में माफियाओं के खिलाफ चौतरफा कार्रवाई की गई है।
धनबाद में ड्रोन से हुई निगरानी, कतरास में कोयला जब्त करने पर भारी हंगामा
इस पूरे ऑपरेशन में सबसे आधुनिक तरीका धनबाद के बीसीसीएल क्षेत्रों में देखने को मिला। यहाँ सीआईएसएफ CISF ने पहली बार बड़े पैमाने पर समन्वित कार्रवाई करते हुए ड्रोन निगरानी और गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की। इस दौरान गांवों में फैले इंटेलिजेंस नेटवर्क की मदद से सीधे तस्करों के स्टॉक पर धावा बोला गया, जहां से अकेले 319.54 मीट्रिक टन कोयला बरामद हुआ।
इस कड़ी कार्रवाई से बौखलाए माफियाओं की तरफ से कतरास क्षेत्र में एक बड़ी घटना भी सामने आई है, जिसको लेकर सुरक्षा अधिकारी का बयान आया है:
“अवैध कोयला जब्त करने की कार्रवाई के दौरान कतरास में एक युवक ने भारी हंगामा खड़ा कर दिया। तस्करों के हौसले इतने बढ़े थे कि उन्होंने ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्ड के साथ मारपीट की और वहां मौजूद मैनेजर से भी घोर दुर्व्यवहार किया। इस हिंसक झड़प के बाद पूरे खदान क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया गया है।”
हजारीबाग का वह बड़कागांव ऑपरेशन, जिसने हिला दी थी माफियाओं की जड़ें
इस व्यापक ‘जीरो कोल लीकेज’ अभियान की कड़ियाँ हजारीबाग में सीआईएसएफ द्वारा की गई पिछली ऐतिहासिक कार्रवाई से भी जुड़ी हुई हैं। हजारीबाग के बड़कागांव क्षेत्र में वरिष्ठ कमांडेंट विवेक शर्मा के सीधे निर्देशन में 13 माइल चौक पर जाल बिछाया गया था। उस दौरान जब दो ट्रकों ने नाका तोड़कर भागने की कोशिश की, तो सीआईएसएफ के जांबाज जवानों ने रात के अंधेरे में फिल्मी स्टाइल में करीब 7 किलोमीटर तक उनका पीछा किया था। अंततः तस्कर ट्रकों को लावारिस छोड़कर जंगलों में भाग खड़े हुए थे। हजारीबाग के इस एकलौते ऑपरेशन में ही 4 अंतर्राज्यीय तस्करों की गिरफ्तारी के साथ कुल 150.9 टन अवैध कोयला, 4 ट्रक और 2 मोटरसाइकिलें जब्त की गई थीं, जिसने यह साफ कर दिया था कि सीआईएसएफ अब रुकने वाली नहीं है।
बंगाल से लेकर सीसीएल क्षेत्रों तक जब्ती का पूरा ब्यौरा
सीआईएसएफ के इस पांच दिवसीय अभियान का असर सिर्फ धनबाद या हजारीबाग तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके तहत सीसीएल सिरका क्षेत्र से 13.62 मीट्रिक टन और गोविंदपुर क्षेत्र से 9.25 मीट्रिक टन कोयला बरामद किया गया। कार्रवाई के दौरान तस्करी में इस्तेमाल होने वाला एक हाईवा, दो छोटे मालवाहक वाहन और कई अन्य उपकरण भी ऑन-द-स्पॉट जब्त किए गए। वहीं दूसरी तरफ, पश्चिम बंगाल की सीमा में दाखिल होकर सीआईएसएफ ने ईसीएल के राजमहल, सालानपुर, चित्रा और सुभाष क्षेत्रों में ताबड़तोड़ छापेमारी कर 85.93 मीट्रिक टन कोयला और कई वाहन अपने कब्जे में ले लिए।
इस महा-अभियान के तुरंत बाद सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर भी बड़ी हलचल शुरू हो गई है:
“सीआईएसएफ के नए डीआईजी रंजीत निगम ने बीसीसीएल के नए सीएमडी मनोज अग्रवाल से एक उच्च स्तरीय बैठक की है। इस बैठक में स्पष्ट रणनीति बनाई गई है कि अवैध खनन और परिवहन मार्गों पर सुरक्षा को इस कदर कड़ा किया जाए कि कोयला चोरों को सिर उठाने का मौका न मिले। सीआईएसएफ और बीसीसीएल मिलकर अब हर रूट पर संयुक्त नाकेबंदी करेंगे।”


