हजारीबाग। अन्नदा महाविद्यालय के ईको-क्लब के तत्वावधान में सोमवार को महाविद्यालय के सेमिनार हॉल (कक्ष संख्या-53) में पर्यावरण एवं सामान्य ज्ञान आधारित प्रश्नोत्तरी (क्विज) प्रतियोगिता का शानदार आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में कॉलेज के छात्र-छात्राओं के साथ-साथ शिक्षकों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना, उनके सामान्य ज्ञान का विस्तार करना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को प्रोत्साहित करना था।
चार टीमों के बीच हुआ रोमांचक मुकाबला, अंत तक बना रहा सस्पेंस
प्रतियोगिता को बेहद रोचक और पारदर्शी बनाने के लिए शामिल प्रतिभागियों को चार टीमों—ए, बी, सी और डी—में विभाजित किया गया था। डॉ. आकाश गोराइ के कुशल संचालन और सोनू कुमार की सटीक स्कोरिंग के बीच प्रश्नों का दौर शुरू हुआ। कड़े मुकाबले और कई रोमांचक राउंड्स के बाद टीम ए ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया। इस विजेता टीम में प्रिया चंद्रवंशी और विवेक राज शामिल थे।
आकांक्षा और पुरुषोत्तम की ‘टीम सी’ रही दूसरे स्थान पर
प्रतियोगिता में अंकों के मामूली अंतर से टीम सी (आकांक्षा रानी और पुरुषोत्तम कुमार) को द्वितीय स्थान से संतोष करना पड़ा। वहीं, टीम डी के मनीष चौधरी एवं केसर कुमारी ने बेहतरीन दिमागी कसरत करते हुए तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसके साथ ही टीम बी के अलकांत प्रजापति और साक्षी कुमारी चौथे स्थान पर रहे। प्रतियोगिता के दौरान पूछे गए पर्यावरण और भूगोल से जुड़े कड़े सवालों ने प्रतिभागियों को काफी प्रभावित किया।
ऑडियंस राउंड में भी दिखा छात्रों का जलवा: मुख्य स्टेज पर चल रही प्रतियोगिता के अलावा हॉल में बैठे दर्शकों के लिए भी ‘ऑडियंस राउंड’ चलाया गया। इसमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। छात्र आशीष कुशवाहा, सोनू कुमार और पंकज कुमार ने कठिन सवालों के सही उत्तर देकर शिक्षकों से विशेष सराहना अर्जित की। उपस्थित छात्र-छात्राओं ने इस पूरे सत्र को ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक बताया।
भविष्य में भी होते रहेंगे ऐसे पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम: डॉ. मीना श्रीवास्तव
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ. मीना श्रीवास्तव ने विजेताओं को बधाई देते हुए ईको-क्लब की इस अनूठी पहल को सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में किताबी ज्ञान के साथ-साथ युवाओं में पर्यावरणीय चेतना और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता का होना बेहद जरूरी है।
इस अवसर पर डॉ. सौगत सरकार, बीरेन्द्र कुमार सुमन सहित महाविद्यालय के कई अन्य शिक्षक, शिक्षिकाएं और भारी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ इस सफल और उत्साहपूर्ण शैक्षणिक कार्यक्रम का समापन हुआ।


