संध्या न्यूज ब्यूरो / हजारीबाग: Manish Jaiswal Hazaribagh: हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के मांडू विधानसभा अंतर्गत करीब दर्जनभर विस्थापित आदिवासी गांवों के प्रतिनिधियों का रविवार को एक बड़ा जुटान हुआ। स्थानीय शहर के विशेश्वर दयाल जायसवाल पथ स्थित सांसद सेवा कार्यालय सभागार में सैकड़ों की संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल से सीधा संवाद स्थापित किया। घाटो मंडल के सांसद प्रतिनिधि सह रामगढ़ जिला एससी मोर्चा के जिला अध्यक्ष शंकर करमाली के नेतृत्व में पहुंचे इन प्रतिनिधियों ने सांसद का पारंपरिक रूप से स्वागत किया और अपनी दशकों पुरानी विस्थापन व पुनर्वास की पीड़ा को खुलकर सामने रखा।
जल, जंगल, जमीन और पुनर्वास: अपनों के बीच छलका आदिवासियों का दर्द
सीधे संवाद के दौरान मांडू क्षेत्र से आए आदिवासी समाज के लोगों ने अपनी मूलभूत और ज्वलंत समस्याओं को सांसद के समक्ष प्रमुखता से रखा। ग्रामीणों ने कहा कि उद्योगों के नाम पर उन्हें विस्थापित तो कर दिया गया, लेकिन बुनियादी सुविधाओं के नाम पर आज भी बस्तियां तरस रही हैं। बैठक में विस्थापित परिवारों के उचित पुनर्वास के साथ-साथ गांवों में समुचित सड़क, पेयजल, बिजली, नाली और सामुदायिक भवनों के निर्माण की मांग गूंजी।
इसके अलावा, स्थानीय युवाओं को उद्योगों व सरकारी योजनाओं में प्राथमिकता के आधार पर स्थाई रोजगार उपलब्ध कराने तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और आंगनबाड़ी जैसी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने पर गंभीर परिचर्चा हुई। ग्रामीणों ने अपनी धार्मिक आस्था और परंपरा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियमित समीक्षा बैठक और एक समयबद्ध कार्ययोजना बनाने का विशेष आग्रह किया।
“टाटा और CCL से होगा सीधा सामना…” — सांसद मनीष जायसवाल का बड़ा भरोसा
आदिवासी समाज की गंभीर समस्याओं को सुनने के बाद सांसद मनीष जायसवाल ने उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी हर जायज मांग का निश्चित रूप से समाधान निकाला जाएगा। प्रबंधन की मनमानी पर लगाम कसने के लिए उन्होंने कहा कि ग्रामीण खुद को अकेला न समझें; बहुत जल्द वे प्रभावित ग्रामीणों के बीच टाटा और सीसीएल प्रबंधन की सीधी वार्ता का आयोजन सुनिश्चित करेंगे ताकि विस्थापन से जुड़े मुद्दों पर ऑन-द-स्पॉट सकारात्मक और ठोस निर्णय लिए जा सकें।
राज्य की वर्तमान झामुमो-कांग्रेस-राजद गठबंधन सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए सांसद ने कहा, “केंद्र की मोदी सरकार आदिवासियों के उत्थान और सम्मान के लिए लगातार कल्याणकारी योजनाएं चला रही है, जबकि खुद को आदिवासी हितैषी बताने वाली झारखंड की सरकार ने यहां के आदिवासियों को केवल ठगा और धोखा दिया है, जिसका जवाब आने वाले समय में जनता एकजुट होकर देगी।” इस महत्वपूर्ण बैठक के समापन के बाद सभी उपस्थित लोगों ने सांसद सेवा केंद्र में ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का सामूहिक रूप से श्रवण भी किया।
बैठक में ये मुख्य लोग रहे मौजूद
इस मौके पर मुख्य रूप से सांसद प्रतिनिधि सत्येंद्र नारायण सिंह, द्वारिका सिंह उर्फ खोखा सिंह, भाजपा नेता अर्जुन साव, जुगनू सिंह, अनूप कुमार, लब्बू गुप्ता, विजय वर्मा, रंजन चौधरी सहित मांडू क्षेत्र के ग्रामीण प्रतिनिधि बसुदेव किस्कू, संजय किस्कू, गाँधी किस्कू, सानू किस्कू, छोटेलाल मांझी, दीपक टुडू, सोनू मुंडा, विजेंदर करमाली, तालो सोरेन, राजा सोरेन, शिकारी मांझी, करमचन्द मुर्मू, आराज मुर्मू, रमेश मरांडी, पतिलाल हेंब्रम, बिनोद मांझी, महादेव सोरेन, धनीराम मांझी और लालजी टुडू सहित सैकड़ों की संख्या में विस्थापित ग्रामीण उपस्थित थे।


