हजारीबाग: झारखंड सरकार ने राज्य के राशन कार्डधारकों के डेटाबेस को और अधिक पारदर्शी और सुदृढ़ बनाने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया है। इसके तहत अब राशन कार्डधारकों की जातीय जानकारी को डिजिटल रूप से अपडेट किया जाएगा। इस नए निर्णय का सीधा असर हजारीबाग जिले के करीब 4.80 लाख राशन कार्डधारकों और लगभग 17.80 लाख लाभुकों पर पड़ेगा। जिले की सभी जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकानों के माध्यम से लाभुकों की जाति संबंधी जानकारी ई-पॉस (e-PoS) मशीन और विशेष मोबाइल ऐप के जरिए दर्ज की जा रही है।
जिले का बड़ा राशन नेटवर्क और आपूर्ति विभाग की तैयारी
हजारीबाग जिले में वर्तमान में लगभग 1,050 से अधिक जन वितरण प्रणाली दुकानें संचालित हैं। इन दुकानों के माध्यम से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) और राज्य खाद्य सुरक्षा योजना (SFSS) के तहत हर महीने लाखों लाभुकों को अनाज उपलब्ध कराया जाता है। अब इन्हीं दुकानों पर अनाज वितरण के साथ-साथ जाति संबंधी विवरण भी अपडेट किया जाएगा।
इस अभियान के उद्देश्यों और लाभुकों की सहूलियत को लेकर जिला आपूर्ति पदाधिकारी का महत्वपूर्ण बयान आया है:
“जाति की जानकारी या प्रमाण पत्र तत्काल उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में किसी भी लाभुक का राशन बंद नहीं किया जाएगा। लाभुक इस बात को लेकर पूरी तरह निश्चिंत रहें। शुरुआत में लाभुकों की केवल प्रविष्टि (एंट्री) की जाएगी और बाद में आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध होने पर रिकॉर्ड को पूरी तरह अपडेट कर दिया जाएगा। इस अभियान से विभिन्न सामाजिक वर्गों का सटीक डिजिटल डेटा तैयार होगा, जिससे कल्याणकारी योजनाओं की बेहतर योजना बनाने, बजट आवंटन और लाभुकों की सही पहचान सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।”
आपूर्ति विभाग की लाभुकों से विशेष अपील
जिला आपूर्ति विभाग ने हजारीबाग के तमाम राशन कार्डधारकों से इस राष्ट्रीय और सामाजिक महत्व के कार्य में सहयोग करने की अपील की है। विभाग ने कहा है कि सभी लाभुक अपने संबंधित पीडीएस दुकान पर जाकर अपनी जाति की जानकारी समय पर उपलब्ध कराएं। यदि उनका जाति प्रमाण पत्र पहले से बना हुआ है, तो उसकी जानकारी भी मशीन में दर्ज कराएं, ताकि सरकारी रिकॉर्ड को पूरी तरह अद्यतन (अपडेट) किया जा सके।


