संध्या न्यूज ब्यूरो / हजारीबाग: Okni Talab Hazaribagh: देश भर में जल स्रोतों के संरक्षण और उनके पुनरुद्धार को लेकर व्यापक अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन झारखंड के हजारीबाग जिले में स्थिति इसके ठीक विपरीत नजर आ रही है। यहाँ कई प्रमुख जल स्रोत इस समय अवैध अतिक्रमण और गंभीर प्रदूषण की चपेट में हैं। शहर का मुख्य और एकमात्र बड़ा जलाशय माना जाने वाला ऐतिहासिक ‘ओकनी तालाब’ वर्तमान में अपने अस्तित्व के सबसे गंभीर संकट से गुजर रहा है। तालाब का पानी इस कदर दूषित हो चुका है कि उसमें रहने वाली मछलियों, कछुओं और अन्य जलीय जीवों की बड़े पैमाने पर मौत होने लगी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन, झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नगर निगम की एक संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर तालाब का गहन निरीक्षण किया और स्थिति का जायजा लिया।
मानवीय लापरवाही और कीटनाशकों के खेल ने जलीय जीवों को सुलाया मौत की नींद
Okni Talab Hazaribagh: स्थानीय नागरिकों का कहना है कि तालाब के आसपास और उसके भीतर लगातार गंदगी फैलाए जाने से स्थिति अत्यंत चिंताजनक हो गई है। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग तालाब के किनारों पर बेझिझक कूड़ा-कचरा और प्लास्टिक फेंक रहे हैं। इसके अतिरिक्त, कुछ लोगों द्वारा अपने मवेशियों को तालाब के समीप बांधने और उन्हें वहीं नहलाने के कारण पशुओं का मलमूत्र और अवशिष्ट पदार्थ सीधे पानी में मिल रहा है, जिससे जल प्रदूषण में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
तालाब के प्रदूषित होने का एक और सबसे बड़ा कारण यह भी सामने आया है कि इस जलाशय के भीतर व्यावसायिक स्तर पर बड़े पैमाने पर सिंघाड़े की खेती की जा रही है। स्थानीय नागरिकों ने गंभीर आशंका जताते हुए बताया कि सिंघाड़े की फसल को कीटों से बचाने और तेजी से बढ़ाने के लिए इसमें विभिन्न प्रकार के हानिकारक रासायनिक पदार्थों, खादों और खतरनाक कीटनाशकों का अंधाधुंध उपयोग किया जा रहा है। इसी रासायनिक प्रदूषण के चलते पानी की गुणवत्ता पूरी तरह नष्ट हो गई है, जिसके कारण जलीय जीवों की मौत की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने लिए पानी के नमूने, वैज्ञानिक जांच से खुलेगा राज
Okni Talab Hazaribagh: निरीक्षण के दौरान पहुंचे प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने स्थानीय निवासियों को आश्वासन दिया कि जलीय जीवों की अचानक हो रही मौत के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए वैज्ञानिक जांच की जाएगी। टीम के सदस्यों ने तालाब के विभिन्न हिस्सों से पानी के नमूने एकत्र किए हैं। अधिकारियों ने बताया कि इन नमूनों की प्रयोगशाला में जांच कर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसे जल्द ही नगर निगम और जिला प्रशासन को सौंपकर आगे की सख्त कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।
मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त बिपिन कुमार ने कहा कि सूचना मिलते ही संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ओकनी तालाब की साफ-सफाई के लिए जल्द ही एक विशेष अभियान युद्ध स्तर पर चलाया जाएगा। इसके साथ ही, जल स्रोत को नुकसान पहुंचाने और वहां गंदगी फैलाने वाले असामाजिक तत्वों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि तालाब के आसपास किसी भी प्रकार के अवैध अतिक्रमण को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
“घर की तरह सार्वजनिक जल स्रोतों को भी साफ रखें नागरिक” — मेयर अरविंद कुमार राणा
Okni Talab Hazaribagh: नगर निगम के मेयर अरविंद कुमार राणा ने कहा कि नगर निगम अपनी जिम्मेदारियों का पूरी तरह से निर्वहन कर रहा है, लेकिन पर्यावरण और सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा में आम नागरिकों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। उन्होंने क्षोभ प्रकट करते हुए कहा कि लोग अपने घरों को तो साफ रखते हैं, लेकिन सार्वजनिक स्थानों और जल स्रोतों में कचरा फेंक देते हैं, जो कि पूरी तरह से गलत है। नगर निगम द्वारा शहर के हर क्षेत्र में नियमित रूप से कचरा संग्रहण वाहन और टिप्पर भेजे जा रहे हैं तथा पर्याप्त संख्या में कूड़ेदानों की व्यवस्था भी की गई है।
मेयर ने जनता से भावुक अपील करते हुए कहा कि सभी नागरिक कचरे को केवल निर्धारित स्थानों पर ही डालें तथा हजारीबाग के जीवनदायी जल स्रोतों को स्वच्छ व सुंदर बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने दोहराया कि जलीय जीवों की मौत के कारणों की जांच के बाद जो भी व्यक्ति या पक्ष दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी दंतात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। प्रशासन ओकनी तालाब के संरक्षण और इसके पुराने स्वरूप को बहाल करने के लिए हर संभव कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।


