बड़कागांव (हजारीबाग): बड़कागांव में कोयला परिवहन के लिए दौड़ते मौत के सौदागर बने भारी वाहनों ने एक और हंसते-खेलते परिवार के आशियाने को उजाड़ दिया है। शनिवार की देर रात 13 माइल-जुगरा ट्रांसपोर्टिंग मार्ग पर लोहा पुल के समीप कोयला लदे एक अनियंत्रित हाइवा ने चेपाकला निवासी नरेश कुमार महतो को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में गंभीर रूप से घायल नरेश को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन जख्म इतने गहरे थे कि डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बाद भी उनकी सांसों की डोर टूट गई। इस मौत के बाद बड़कागांव का माहौल बेहद गमगीन और तनावपूर्ण हो गया है।
मासूम बच्चों के सिर से उठा पिता का साया, बिलख उठा चेपाकला गांव
इस सड़क हादसे ने सिर्फ एक इंसान की जान नहीं ली, बल्कि एक पूरे गरीब परिवार को जीते जी मार दिया है। ग्रामीणों ने अत्यंत भावुक होकर बताया कि नरेश कुमार महतो अपने पीछे बूढ़े माता-पिता के अलावा अपनी धर्मपत्नी और दो छोटे-छोटे मासूम बच्चों को छोड़ गए हैं।
इस मर्मांतक त्रासदी पर ग्रामीणों का दर्द छलक पड़ा:
“नरेश ही अपने परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य था। छोटे बच्चों को तो अभी यह भी नहीं मालूम कि उनके पिता अब इस दुनिया में नहीं रहे। भारी वाहनों की बेलगाम रफ्तार हर दिन बड़कागांव के स्थानीय युवाओं की बलि ले रही है। आज एक मां की गोद सूनी हो गई और पत्नी का सिंदूर मिट गया, लेकिन इन कोयला कंपनियों और प्रशासन को स्थानीय लोगों की जान की कोई कीमत नहीं दिखती।”
रातभर सड़क पर जमे रहे लोग, चक्का जाम से थमी कोयले की रफ्तार
नरेश की मौत की खबर जैसे ही गांव में फैली, परिजनों के साथ सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और महिलाएं आधी रात को ही सड़क पर उतर आए। आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर 13 माइल के पास बड़कागांव-जुगरा मार्ग को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया। शनिवार की रात से शुरू हुआ यह चक्का जाम रविवार की सुबह तक जारी रहा, जिसके कारण कोयला ढुलाई में लगे सैकड़ों ट्रकों और हाइवा वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें सड़क के दोनों ओर लग गईं।
सुबह होते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन ग्रामीण और परिजन स्पष्ट तौर पर जिला प्रशासन और संबंधित कोयला कंपनी से लिखित मुआवजे, परिवार के एक सदस्य को स्थायी रोजगार देने तथा दोषी चालक पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग पर अड़े हुए हैं। समाचार लिखे जाने तक अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच वार्ता का दौर जारी था और सड़क पर तनावपूर्ण शांति बनी हुई थी।


