हजारीबाग: हजारीबाग शहर की प्यास बुझाने वाले और शहर की जीवनरेखा माने जाने वाले छड़वा डैम को नया जीवन मिलने जा रहा है। पिछले साल की रिकॉर्ड तोड़ बारिश के कारण डैम के जो फाटक क्षतिग्रस्त हो गए थे और जिनसे पानी की बर्बादी का खतरा मंडरा रहा था, उनकी मरम्मत का काम अब अंतिम चरण में है। शनिवार को हजारीबाग के महापौर श्री अरविंद कुमार राणा ने स्वयं छड़वा डैम के कार्यस्थल पर पहुंचकर चल रहे मरम्मत कार्यों का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने इस दौरान कार्य की गुणवत्ता को लेकर कड़े निर्देश जारी किए।
“एक साल पहले जो संकल्प लिया था, आज उसे धरातल पर उतार रहा हूँ”
छड़वा डैम की महत्ता और जल संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए महापौर अरविंद कुमार राणा ने ग्राउंड जीरो पर बड़ा बयान दिया।
महापौर ने कहा:
“छड़वा डैम केवल पानी का एक विशाल ढांचा नहीं है, बल्कि यह पूरे हजारीबाग शहर की पेयजल व्यवस्था की रीढ़ है। पिछले साल जब अत्यधिक बारिश के कारण इसके फाटक क्षतिग्रस्त हुए थे, तब मैंने खुद यहां आकर स्थिति देखी थी और संकल्प लिया था कि इसका जीर्णोद्धार मेरी निगरानी में होगा। आज पहली बार हमारे नेतृत्व में फाटकों की इतनी व्यापक और तकनीकी मरम्मत का काम चल रहा है। हमारा लक्ष्य है कि शहरवासियों को साल के बारह महीने बिना किसी रुकावट के शुद्ध पेयजल मिलता रहे।”
सौंदर्यीकरण और सुरक्षा भी होगी प्राथमिकता, ग्रामीणों में भारी उत्साह
निरीक्षण के दौरान महापौर ने कार्य स्थल पर मौजूद अभियंताओं और कार्य एजेंसी को सख्त लहजे में चेताया कि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता के साथ कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह काम सीधे हजारीबाग के भविष्य से जुड़ा है, इसलिए लापरवाही बरतने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी साफ किया कि फाटकों की मरम्मत के तुरंत बाद डैम की सुरक्षा की घेराबंदी और इसके सौंदर्यीकरण को लेकर एक विस्तृत कार्ययोजना बनाई जाएगी।
डैम के फाटकों की मरम्मत शुरू होने से न केवल शहर के लोग खुश हैं, बल्कि छड़वा डैम के आसपास रहने वाले ग्रामीणों और किसानों में भी भारी उत्साह है। ग्रामीणों का कहना है कि जल स्तर सही रहने से सिंचाई और पशुपालन में भी उन्हें दीर्घकालिक लाभ मिलेगा, जिसके लिए वे महापौर के इस प्रयास की सराहना कर रहे हैं।


