संध्या न्यूज ब्यूरो / हजारीबाग : Hazaribagh Local News: अपनी शांत वादियों और शालीन माहौल के लिए पहचाने जाने वाले हजारीबाग शहर की शामें अब डर और हैरानी में बदलती जा रही हैं। शहरवासी पहले से ही नशेड़ियों और छिनतई गैंग के आतंक से परेशान थे, लेकिन अब सड़कों पर एक नई और बेहद अजीबोगरीब परेशानी खड़ी हो गई है। शहर के व्यस्तम कॉलेज मोड़ से लेकर स्टेडियम जाने वाले मुख्य मार्ग पर हर दिन देर शाम एक ऐसा नजारा देखने को मिल रहा है, जिसने न सिर्फ स्थानीय निवासियों बल्कि वहां से गुजरने वाले राहगीरों की भी नींद उड़ा दी है।
दो बाइकों पर सवार हुड़दंगी, टोकने पर मिलती हैं गालियां और धमकियां
अब तक सड़कों पर हुड़दंग, तेज रफ्तार और बदतमीजी के लिए केवल लड़कों के गिरोह बदनाम थे, लेकिन अब युवतियां भी खुलकर इस अराजकता का हिस्सा बनती दिख रही हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार लड़कियां और उनके साथ कुछ युवक रोज शाम को इस रास्ते पर दिखाई देते हैं। मोटरसाइकिल युवक चलाते हैं, जबकि पीछे बैठी लड़कियां सरेआम सिगरेट का कश लगाती नजर आती हैं। इन युवतियों द्वारा बेवजह राह चलते संभ्रांत लोगों को गालियां देना, तेज आवाज में चिल्लाना और चलती बाइक पर खतरनाक स्टंट करना इनका रोज का रूटीन बन चुका है।
बोकारो की रहने वाली हैं युवतियां, इलाके का माहौल हो रहा दूषित
स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ये युवतियां बोकारो की रहने वाली हैं और हाल के दिनों में हजारीबाग शहर में इनकी संदिग्ध गतिविधियां काफी बढ़ गई हैं। बताया जाता है कि ये सभी हर वक्त अत्यधिक नशे की हालत में रहती हैं।
इलाके के दुकानदारों और राहगीरों का कहना है कि इस तरह की अश्लील और हिंसक हरकतों से पूरे क्षेत्र का माहौल खराब हो रहा है। बहु-बेटी और सपरिवार इस रास्ते से गुजरने वाले लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। कई बार स्थानीय जागरूक नागरिकों ने इन्हें टोकने और समझाने की कोशिश की, लेकिन बदले में उन्हें इन हुड़दंगियों से केवल गंदी गालियां और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां ही मिलीं।
समय रहते सख्त कदम नहीं उठाया, तो बड़े हादसे की बन सकती है पटकथा
सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह सब कुछ शहर के बीचों-बीच खुलेआम हो रहा है, लेकिन अब तक स्थानीय थाना या गश्ती पुलिस द्वारा इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। शहर के जिम्मेदार अधिकारियों और पुलिस प्रशासन के लिए यह एक बड़ा सवाल बनता जा रहा है कि आखिर कब तक सड़कों पर इस तरह का हुड़दंग चलता रहेगा और आम लोग प्रताड़ित होते रहेंगे?
अगर समय रहते इस पर सख्त कानूनी कदम नहीं उठाए गए, तो यह सिर्फ कानून-व्यवस्था का ही नहीं, बल्कि समाज की सुरक्षा और मर्यादा का भी गंभीर संकट बन सकता है। हजारीबाग की सड़कों पर बढ़ती यह बेलगाम आजादी अब पूरी तरह अराजकता का रूप ले चुकी है। अगर अब भी प्रशासन नहीं जागा, तो आने वाले दिनों में यह ड्रामा किसी बड़े हादसे या हिंसक टकराव की पटकथा बन सकता है।


