संध्या न्यूज ब्यूरो / हजारीबाग: Dhanbad Crime News: धनबाद के तोपचांची (डुमरी मोड़) पर रविवार सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब हैदराबाद नारकोटिक्स कंट्रोल की टीम ने फिल्मी अंदाज में एक बड़े अंतरराज्यीय गांजा तस्कर को दबोच लिया। कार्रवाई इतनी त्वरित और गोपनीय थी कि स्थानीय लोगों ने इसे दिनदहाड़े अपहरण समझ लिया और पुलिस को सूचना दे दी। हालांकि, बाद में जब स्थानीय पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी कर गाड़ी को रोकी, तब जाकर हैदराबाद नारकोटिक्स टीम के इस बड़े ऑपरेशन का भंडाफोड़ हुआ।
टायर बदलवाते समय चारों तरफ से घेरा, पिस्टल देख पीछे हटे लोग
जानकारी के अनुसार, निमियाघाट थाना क्षेत्र के ताम्बागुडियो निवासी सत्यम मिश्रा डुमरी मोड़ पर अपनी कार का टायर बदलवा रहा था। इसी दौरान हैदराबाद नारकोटिक्स की टीम ने उसे अचानक चारों तरफ से घेर लिया और जबरन अपनी सफेद रंग की इनोवा कार में बिठाने लगी। यह देख जब स्थानीय लोग मदद के लिए दौड़े, तो टीम के सदस्यों के हाथों में पिस्टल देख वे पीछे हट गए। इसके बाद टीम आरोपी को लेकर तेजी से धनबाद-गोविंदपुर की ओर निकल गई।
अपहरण की सूचना पर तोपचांची पुलिस हुई रेस, आगे जाकर रोका वाहन
दिनदहाड़े हुए इस घटनाक्रम को आम लोगों ने पूरी तरह अपहरण का मामला मान लिया और तुरंत स्थानीय तोपचांची पुलिस को इसकी सूचना दी। अपहरण की खबर मिलते ही तोपचांची पुलिस तत्काल हरकत में आई और वायरलेस पर मैसेज फ्लैश करते हुए इनोवा कार को आगे जाकर सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर रोक लिया। जब पुलिस ने वाहन में सवार लोगों से कड़ाई से पूछताछ की, तब अधिकारियों ने अपनी पहचान उजागर की और बताया कि यह अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी मामले में हैदराबाद नारकोटिक्स विभाग की आधिकारिक और गुप्त कार्रवाई है।
पार्सल पर ‘दवा’ लिख डाक से भेजा जाता था गांजा, नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस
जांच में मादक पदार्थों की तस्करी का एक बेहद चौंकाने वाला तरीका सामने आया है। आरोपी सत्यम मिश्रा कथित तौर पर डुमरी-निमियाघाट क्षेत्र से गांजे को छोटे लिफाफों और पार्सलों में पैक करता था। किसी को जरा भी शक न हो, इसके लिए वह पार्सल के ऊपर ‘दवा’ का नाम लिख देता था और डाक (Post) के जरिए इसे तेलंगाना समेत देश के कई अन्य राज्यों में धड़ल्ले से सप्लाई करता था। सुरक्षा एजेंसियों का अनुमान है कि इस शातिर तरीके से लंबे समय से ड्रग्स की सप्लाई की जा रही थी।
जांच एजेंसी का वक्तव्य
“हैदराबाद नारकोटिक्स की टीम आरोपी सत्यम मिश्रा को ट्रांजिट रिमांड पर अपने साथ ले गई है। आरोपी से कड़ाई से पूछताछ के बाद इस अंतरराज्यीय गिरोह के पूरे नेटवर्क, उसके स्थानीय सहयोगियों और अन्य राज्यों में जुड़े बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश हो सकेगा।”
NH-2 बना है तस्करों का सेफ रूट, पुलिस के लिए बड़ी चुनौती
गौरतलब है कि धनबाद से गुजरने वाला नेशनल हाईवे (NH-2) लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी के लिए सेफ रूट माना जाता रहा है। इससे पहले भी तोपचांची, राजगंज और गोविंदपुर पुलिस ने कई बार छापेमारी कर करोड़ों रुपये के गांजे की बड़ी खेप पकड़ी है। सूत्रों के मुताबिक, उड़ीसा, बिहार और उत्तर प्रदेश से तस्करी का यह माल पश्चिम बंगाल के रास्ते कई अन्य राज्यों में भेजा जाता है। पुलिस की कड़ाई के बाद तस्कर कुछ समय के लिए रास्ता बदल लेते हैं या थम जाते हैं, लेकिन मौका मिलते ही नए-नए हथकंडों के साथ यह अवैध कारोबार फिर शुरू कर देते हैं।


