हजारीबाग: हजारीबाग जिला अंतर्गत चौपारण प्रखंड की जोरदाहा पंचायत से एक अत्यंत दुखद और संदेहास्पद मामला सामने आया है। यहाँ के जमुआडीह गांव की रहने वाली एक बिरहोर आदिवासी महिला की शुक्रवार देर रात हजारीबाग सदर अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, महिला ने किसी विषैले पदार्थ का सेवन कर लिया था, जिसके बाद गंभीर हालत में उसे अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
PVTG समूह की बदहाली और परिवार का दोहरा दर्द
मृतका अत्यंत पिछड़े बिरहोर समुदाय से संबंध रखती थी, जिसे देश के विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) में शामिल किया गया है. इस समुदाय के संरक्षण के दावों के बीच आज भी कई गांवों में बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव बना हुआ है. इस घटना ने परिवार को गहरा सदमा दिया है क्योंकि परिजनों के मुताबिक, कुछ समय पहले इसी क्षेत्र में उनकी बेटी की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी. एक ही परिवार में दोबारा ऐसी घटना होने से क्षेत्र में कई तरह की आशंकाएं जताई जा रही हैं.
सदर अस्पताल पहुंचे सांसद मीडिया प्रभारी रंजन चौधरी ने घटना की गंभीरता पर बात करते हुए कहा:
“यह बेहद हृदयविदारक घटना है। एक विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूटा है। जैसे ही मुझे इस बात की जानकारी मिली, मैं तुरंत सदर अस्पताल पहुंचा और मामले की जानकारी जिला प्रशासन के उच्च अधिकारियों को दी। हमारी प्राथमिकता पीड़ित परिवार को इस कठिन समय में संबल प्रदान करना और मामले की निष्पक्ष जांच कराना है।”
शव को सम्मानपूर्वक गांव भेजने और सरकारी मदद का भरोसा
सांसद मीडिया प्रभारी की पहल के बाद सदर अस्पताल प्रशासन के अधिकारी तुरंत हरकत में आए और अस्पताल पहुंचकर रोते-बिलखते परिजनों से मुलाकात की. प्रशासनिक अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को ढाढस बंधाया और आगे की प्रक्रिया पूरी करने में जुट गए।
अस्पताल प्रशासन और पुलिस की ओर से आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट की गई है:
“शनिवार को महिला के शव का पोस्टमार्टम कराकर उसे पूरे सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव जमुआडीह भिजवाया जाएगा। इसके साथ ही, मृतका के परिवार की स्थिति का आकलन करते हुए उन्हें विभिन्न कल्याणकारी सरकारी योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। फिलहाल पुलिस और प्रशासन मामले की बारीकी से जांच कर रहे हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही महिला की मौत के वास्तविक कारणों का पूरी तरह स्पष्ट पता चल सकेगा।”


