हज़ारीबाग: हज़ारीबाग शहर के साहित्य प्रेमियों और युवा रचनाकारों के लिए सोमवार की शाम बेहद खास और यादगार रही। शहर के प्रसिद्ध ‘पेपर एंड साल्ट’ रेस्तरां में ‘द पोएट्स’ पंचायत’ की ओर से एक भव्य ओपन माइक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। साहित्यिक और बेहद आत्मीय वातावरण के बीच सजे इस मंच की थीम “जो कह नहीं पाए… शायद आज कह पाए” रखी गई थी। इस अनूठी थीम ने न केवल नवोदित कलाकारों बल्कि अनुभवी रचनाकारों को भी अपने दिल के उस कोने को शब्दों में पिरोने का अवसर दिया, जो अमूमन खामोश रहता है। प्रेम, विरह, पारिवारिक रिश्तों, सामाजिक कुरीतियों, उम्मीद, संघर्ष और जीवन के गहरे दर्शन पर आधारित एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को कभी भावुक किया, तो कभी ठहाके लगाने पर मजबूर कर दिया।
आशिफ़ अंसारी ने थपथपाई युवाओं की पीठ, कहा— “ऐसे मंच आज की सबसे बड़ी ज़रूरत”
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आशिफ़ अकादमी के संस्थापक, सफ़र शायरी का के आयोजक और द गोल्डन आवर के प्रस्तोता आशिफ़ अंसारी उपस्थित रहे। युवाओं की रचनाओं को गहराई से सुनने के बाद उन्होंने अपने संबोधन में ‘द पोएट्स’ पंचायत’ की इस अनूठी पहल की दिल खोलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में जब लोग अपनी वास्तविक भावनाओं को साझा करने से कतराते हैं, तब ऐसे रचनात्मक मंच नई प्रतिभाओं को अपनी अंतर्निहित क्षमता को प्रस्तुत करने का एक सुरक्षित और सशक्त अवसर प्रदान करते हैं। यह प्रयास झारखंड के युवाओं को साहित्य और कला की समृद्ध संस्कृति से जोड़ने में मील का पत्थर साबित होगा।
🎤 मंच पर गूंजीं श्रेष्ठ रचनाएं और प्रस्तुतियां (The Performance Matrix)
ओपन माइक के दौरान हज़ारीबाग और आस-पास के क्षेत्रों से आए कलाकारों ने अपनी बेहतरीन प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया, जिसका संक्षिप्त विवरण नीचे दिया गया है:
✨ द पोएट्स' पंचायत के मुख्य प्रस्तुतकर्ता और उनकी प्रस्तुतियां:
• प्रगति कुमारी: "फिर एक नई सुबह" शीर्षक से जीवन की नई उम्मीद जगाती प्रेरणादायी कविता।
• सुरभि कुमारी, शालिनी सिंह, हसन अल्फ़ायद, अभिषेक रंजन एवं रज़िया बानो: प्रेम के अनछुए और विविध पहलुओं को छूती रूमानी प्रस्तुतियां।
• प्रीति कुमारी: "तुम्हीं हो सुंदरतम उपहार, तुम्हीं से प्यारे मुझको प्यार" गीत से श्रोताओं के दिलों को छुआ।
• प्रतिभा किरण: "वह बच्ची है, उसे जाने दो" जैसी संवेदनशील और समाज को झकझोरने वाली कविता प्रस्तुत की।
• लक्ष्मी पांडे: "सबने बेटियों को कमाना सिखा दिया, पर शायद भूल गए बेटों को घर संभालना सिखाना..." पंक्तियों से जमकर बटोरीं तालियां।
• पीयू चटर्जी: "हम सबकी कहानियों की शुरुआत हमारी माँ से होती है" जैसी ममतामयी पंक्तियों से सबको भावुक किया।
• अनंत ज्ञान: "पीढ़ी दर पीढ़ी बदल रहे हम, ये कौन-सी सीढ़ी चढ़ रहे हम" के जरिए सामाजिक बदलाव पर तीखा कटाक्ष।
• सवींद्र कुमार: जीवन के गहरे फलसफों और दुनियादारी पर आधारित बेहद संजीदा प्रस्तुति।
• दीपशिखा गोंड: "दिख रही है तीरगी बस हर तरफ़, दीप कोई तू जलाती क्यों नहीं?" पंक्तियों से ग़ज़ल का रंग जमाया।
• अधि श्री और शोभा कुमारी: अपने पहले ही मंच पर अभूतपूर्व आत्मविश्वास के साथ रचनाएं पढ़ीं।
• अभिषेक कुशवाहा और अमन हेंब्रम: हास्य कविता और स्टैंड-अप कॉमेडी से दर्शकों को हंसने पर मजबूर किया।
“बोली से बात बनेगी” के संकल्प के साथ पूरे झारखंड में फैलेगा कारवां
कार्यक्रम के सफल समापन पर सभी युवा कलाकारों को हौसला बढ़ाने के लिए प्रशंसा प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस बेहद खूबसूरत शाम का सधा हुआ और ऊर्जावान मंच संचालन हर्षिका गुप्ता ने किया। उन्होंने अपनी सहज और आत्मीय संचालन शैली से पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रोताओं और वक्ताओं के बीच एक मजबूत सेतु बनाए रखा।
अंत में, ‘द पोएट्स’ पंचायत’ के संस्थापक हिमांशु कुमार ने संस्था के दूरगामी विजन को साझा करते हुए कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य केवल शहरों में इवेंट कराना नहीं, बल्कि झारखंड के कोने-कोने में छिपे उन प्रतिभावान कलाकारों को एक सशक्त और गरिमापूर्ण मंच प्रदान करना है, जिनके पास हुनर तो है पर सही माध्यम नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि “बोली से बात बनेगी” के इसी मूल मंत्र के साथ संस्था हज़ारीबाग और रामगढ़ में नियमित कार्यक्रमों के साथ-साथ जल्द ही गिरिडीह, चतरा, दुमका, बोकारो, धनबाद, जमशेदपुर और राजधानी राँची सहित झारखंड के सभी जिलों में अपने कदम बढ़ाएगी।


