हजारीबाग: कारीगरों की चमकेगी किस्मत: उपायुक्त की अध्यक्षता में उद्योग विभाग की हाई-लेवल बैठक; ट्रेनी IAS पूर्वा अग्रवाल बनीं PMFME योजना की नोडल अफसर

संध्या न्यूज ब्यूरो
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हजारीबाग: जिले के स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों और लघु उद्यमियों को आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाने तथा उनके हुनर को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। समाहरणालय में उपायुक्त हेमन्त सती की अध्यक्षता में उद्योग विभाग, मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड तथा जनजागरण मंच के साथ एक बेहद महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले के भीतर संचालित लघु एवं कुटीर उद्योगों की जमीनी स्थिति की बारीकी से समीक्षा की गई और युवाओं व कारीगरों को रोजगार से जोड़ने के लिए कई बड़े फैसले लिए गए।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हजारीबाग की पारंपरिक कला और हस्तशिल्प को न सिर्फ बढ़ावा दिया जाएगा, बल्कि उन्हें एक मजबूत बाजार (मार्केटिंग प्लेटफॉर्म) भी उपलब्ध कराया जाएगा।

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना पर जोर: एक माह में बनेंगे 20-20 आर्टिजंस कार्ड

बैठक के दौरान उपायुक्त हेमन्त सती ने महत्वाकांक्षी ‘प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना’ की प्रगति की गहन समीक्षा की। उन्होंने योजना के अंतर्गत शामिल विभिन्न पारंपरिक ट्रेड, मिलने वाले लाभों और बैंक ऋण प्राप्ति की पूरी प्रक्रिया की अधिकारियों से जानकारी ली। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि जिले के सभी पात्र कारीगरों का इस योजना के तहत शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए और उनके ‘आर्टिजंस कार्ड’ बनाए जाएं।

इसके लिए उन्होंने अगले महीने तक एक विशेष अभियान चलाकर ज्यादा से ज्यादा लाभार्थियों का पंजीकरण करने तथा उनके बैंक ऋण स्वीकृत कराने की ठोस कार्ययोजना पर काम करने का निर्देश दिया। प्रशासनिक सख्ती दिखाते हुए उपायुक्त ने सभी ब्लॉक कोऑर्डिनेटर्स को अल्टीमेटम दिया है कि वे एक महीने के भीतर अपने-अपने क्षेत्रों में न्यूनतम 20 आर्टिजंस कार्ड अनिवार्य रूप से तैयार कराएं।

चौपारण ऊलेन मार्केट को प्रोत्साहन और ‘आर्टिजंस मेले’ का बड़ा फैसला

हजारीबाग के चौपारण में संचालित ऊलेन मार्केट (ऊनी वस्त्र बाजार) को बड़े स्तर पर प्रोत्साहित करने के लिए भी बैठक में रणनीति बनी। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि इसके लिए तत्काल एक सहकारी समिति का गठन कर अध्यक्ष एवं सचिव का चयन किया जाए, ताकि इस मार्केट को प्रशासनिक व तकनीकी सहयोग सुचारू रूप से दिया जा सके।

इसके अलावा, जिले के हुनरमंद कारीगरों द्वारा निर्मित जूट उत्पाद, विश्वप्रसिद्ध सोहराई कला, सिलाई-कढ़ाई, काष्ठ कला (लकड़ी के उत्पाद), बांस आधारित उत्पाद और अन्य हस्तशिल्प सामग्रियों की बिक्री व ब्रांडिंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शहर में ‘आर्टिजंस मेले’ के आयोजन का बड़ा निर्णय लिया गया।

दो चरणों में सजेगा हस्तशिल्प का बाजार:

यह भव्य मेला हजारीबाग के प्रसिद्ध झील परिसर स्थित ओपन एम्फीथिएटर में दो अलग-अलग चरणों में आयोजित किया जाएगा।

  • पहला चरण: 13 जुलाई से 15 जुलाई 2026 तक।

  • दूसरा चरण: 05 अगस्त से 07 अगस्त 2026 तक।

इस मेले के माध्यम से स्थानीय कारीगरों को अपने उत्पादों और अनूठी कलाकृतियों के सीधे प्रदर्शन तथा विपणन (बिक्री) का सुनहरा अवसर मिलेगा। साथ ही, उत्पादकों और बड़े व्यापारियों के बीच एक मजबूत समन्वय स्थापित कर हस्तशिल्प उत्पादों के लिए एक स्थायी बाजार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

ट्रेनी IAS पूर्वा अग्रवाल बनीं नोडल पदाधिकारी, पेंडिंग आवेदनों पर बैंकर्स को निर्देश

लघु उद्योगों को बढ़ावा देने वाली ‘प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना’ (PMFME) की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने बैंकों में लंबित पड़े आवेदनों पर नाराजगी जताई। उन्होंने बैंक प्रतिनिधियों को कड़ा निर्देश दिया कि वे लंबित आवेदनों का शीघ्र निष्पादन कर लोन की स्वीकृति प्रक्रिया में तेजी लाएं।

इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए जिला स्तर पर प्रशिक्षु (ट्रेनी) आईएएस अधिकारी पूर्वा अग्रवाल को विशेष रूप से नोडल पदाधिकारी नामित किया गया है। सभी प्रखंड समन्वयकों (Block Coordinators) को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि जिन आवेदकों के दस्तावेज पूरी तरह से दुरुस्त हैं, उनका बैंकों से बेहतर तालमेल स्थापित कराकर जल्द से जल्द लोन अप्रूवल सुनिश्चित कराया जाए।

इस महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय बैठक में उपायुक्त हेमन्त सती के साथ उप विकास आयुक्त (DDC) रिया सिंह, प्रशिक्षु आईएएस पूर्वा अग्रवाल, जिला उद्योग केंद्र (DIC) के महाप्रबंधक, विभिन्न बैंकों के वरिष्ठ प्रतिनिधि तथा संबंधित विभागों के तमाम अधिकारी और कर्मी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

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