The Art of Living Ramgarh: दि आर्ट ऑफ लिविंग का भव्य सत्संग: भजनों पर जमकर थिरके श्रद्धालु, ‘दिव्य समाज’ के निर्माण का संकल्प

बोधगया से पधारे स्वामी सहजानंद और सहयोगियों ने भजनों से बांधा समां, तनाव और दुर्व्यसन मुक्त समाज बनाने का संदेश

संध्या न्यूज-sandhya news
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मुख्य बिंदु
  • भव्य आयोजन: रामगढ़ कैंट के पटेल चौक स्थित सैनी होटल में सजी भव्य भजन-संध्या।
  • गुरू-पूजा से शुरुआत: पारंपरिक गुरू-पूजा और सुर-ताल के कई आयामों के साथ शुरू हुआ कार्यक्रम।
  • बोधगया से पहुंचे कलाकार: भजन गायक स्वामी सहजानंद जी, सजीव जी और प्रियांशु जी ने अपनी प्रस्तुतियों से बांधा समां।
  • सकारात्मक उद्देश्य: तनाव, हिंसा, अवसाद और दुर्व्यसन से मुक्त 'दिव्य समाज' के निर्माण का संकल्प।
  • सराहनीय योगदान: आर्ट ऑफ लिविंग के स्थानीय वोलन्टियर्स और टीचर्स ने कार्यक्रम को बनाया सफल।

संध्या न्यूज ब्यूरो / रामगढ़: The Art of Living Ramgarh: समाज में जिस गति से बुराइयां और दुर्व्यसन पैर पसार रहे हैं, उसे रोकने के लिए उससे भी तीव्र गति से अध्यात्म का प्रसार होना बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य के साथ ‘दि आर्ट ऑफ लिविंग’ (The Art of Living) रामगढ़ इकाई के सदस्यों द्वारा रामगढ़ कैंट के पटेल चौक स्थित सैनी होटल में एक भव्य सत्संग सह भजन-संध्या का आयोजन किया गया। इस आध्यात्मिक कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह भजनों की दिव्य लहरों में ऐसा डूबा कि लोग खुद को रोक नहीं पाए और भक्ति भाव एवं उमंग के साथ जमकर थिरके।

भजनों की सुर-सरिता में डूबे श्रद्धालु, गुरु-पूजा से हुई मंगल शुरुआत

The Art of Living RamgarhThe Art of Living Ramgarh: सैनी होटल में आयोजित इस कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत गुरु-पूजा के साथ की गई। इसके बाद बोधगया से विशेष रूप से पधारे सुप्रसिद्ध भजन गायक स्वामी सहजानंद जी, सजीव जी और प्रियांशु जी ने एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति दी। विभिन्न सुर-ताल और संगीत के कई आयामों को समाहित करते हुए जब भजनों का सिलसिला शुरू हुआ, तो पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। कार्यक्रम में पहुंचे श्रद्धालु भजनों के आनंद में इस कदर सराबोर हुए कि पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट और जयकारों से गूंज उठा।

दिव्य समाज का निर्माण: जहां तनाव, हिंसा और अवसाद का कोई स्थान न हो

The Art of Living Ramgarh: आयोजकों ने बताया कि इस भव्य सत्संग के आयोजन का मुख्य उद्देश्य एक ऐसे ‘दिव्य समाज’ का निर्माण करना है, जहां मानवीय मूल्यों की स्थापना हो। एक ऐसा परिवेश तैयार करना है जहां आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में पनप रहे तनाव, हिंसा, अवसाद और सामाजिक दुर्व्यसनों (नशे की लत) के लिए कोई स्थान न हो। अध्यात्म के माध्यम से ही युवाओं और समाज को सही दिशा की ओर अग्रसर किया जा सकता है।

इन वोलन्टियर्स और टीचर्स का रहा सराहनीय सहयोग

इस भव्य और सफल कार्यक्रम को धरातल पर उतारने में दि आर्ट ऑफ लिविंग के समर्पित वोलन्टियर्स और टीचर्स की भूमिका बेहद सराहनीय रही। कार्यक्रम के सफल संचालन में मुख्य रूप से:

  • वोलन्टियर्स: बबलू सैनी, सुनील साहू, आलोक कुमार, महेश, निधि कुमारी, शिव प्रताप, सुधांशु कुमार, खुशी अग्रवाल और लक्ष्मी कुमारी।

  • टीचर्स: अपर्णा लखानी, राजीव रंजन एवं तारकेश्वर सोनी का विशेष व सक्रिय योगदान रहा।

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