सप्लायर के बकाए ने रोकी गरीबों की सर्जरी: शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज के ऑर्थो वार्ड में हाहाकार, सांसद के निर्देश पर प्रबंधन को अल्टीमेटम

आयुष्मान के भुगतान में देरी से ठप्प पड़ी हड्डी की सर्जरी; सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी बोले — "इलाज में असक्षम हैं तो मरीजों को न दें अतिरिक्त कष्ट"

संध्या न्यूज-sandhya news
4 Min Read
मुख्य बिंदु
  • मरीजों की बढ़ी पीड़ा: शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज के ऑर्थो वार्ड में पिछले दो दिनों से हड्डी के सारे ऑपरेशन पूरी तरह बंद।
  • बकाए का ग्रहण: आयुष्मान भारत योजना के तहत सप्लाई किए गए इंप्लांट्स का भुगतान न होने से सप्लायर ने रोकी सामग्री।
  • सांसद का कड़ा रुख: सांसद मनीष जायसवाल के निर्देश पर मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने अस्पताल प्रबंधन को दी चेतावनी।
  • अस्पताल का आश्वासन: डिप्टी सुप्रिटेंडेंट डॉ. राजकिशोर ने जल्द ही वैकल्पिक व्यवस्था कर सर्जरी बहाल करने का दिया भरोसा।

संध्या न्यूज ब्यूरो / हजारीबाग: क्या हजारीबाग के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में अब गरीबों की हड्डियों का इलाज भी प्रशासनिक फाइलों और बकाए के फेर में दम तोड़ देगा? यह सवाल शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल (SBMCCH) के ऑर्थोपेडिक (हड्डी) वार्ड के बाहर अपनों की तड़प देख रहे लाचार परिजनों की आंखों में साफ पढ़ा जा सकता है। अस्पताल प्रबंधन की घोर लापरवाही और वित्तीय कुप्रबंधन का एक और संवेदनहीन चेहरा तब उजागर हुआ, जब पिछले कई दिनों से यहां भर्ती मरीजों के ऑपरेशन पूरी तरह ठप्प पड़ गए।

अस्पताल की इस बदहाली और मरीजों की दुर्दशा की गूंज जब हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल तक पहुंची, तो उन्होंने मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया। सांसद के कड़े निर्देश पर उनके मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी तुरंत मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे और व्यवस्था को लेकर अस्पताल प्रबंधन के समक्ष गहरी नाराजगी जाहिर की।

दो तल्ले पर दर्द से कराह रहे मरीज, अस्पताल प्रशासन बना बेफिक्र

अस्पताल के ऑर्थोपेडिक वार्ड में जमीनी हकीकत बेहद दर्दनाक है। यहां कई मरीज पिछले 8 से 10 दिनों से केवल इस उम्मीद में भर्ती हैं कि कल उनका ऑपरेशन होगा, लेकिन वार्ड की दहलीज से वे हर दिन मायूस लौट रहे हैं। सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने अस्पताल के सुप्रिटेंडेंट की अनुपस्थिति में डिप्टी सुप्रिटेंडेंट डॉ. राजकिशोर से मुलाकात की और कड़े लहजे में कहा, “यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि गंभीर चोटों से जूझ रहे मरीज दो तल्ले पर चढ़कर भर्ती हो रहे हैं, लेकिन अस्पताल उन्हें इलाज देने के बजाय उनकी पीड़ा को और बढ़ा रहा है।”

उन्होंने प्रबंधन को चेताया कि यदि तत्काल इन गरीब मरीजों का ऑपरेशन शुरू नहीं कराया गया, तो परिजनों और स्थानीय नागरिकों का आक्रोश सड़क पर फूट सकता है, जिसकी पूरी जवाबदेही अस्पताल प्रशासन की होगी। उन्होंने दोटूक कहा कि अगर प्रबंधन इस मेडिकल कॉलेज को सुचारू रूप से चलाने में असक्षम है, तो कम से कम मरीजों को भर्ती रखकर उन्हें अतिरिक्त कष्ट न दे।

आयुष्मान भारत योजना के भुगतान का पेच, सप्लायर ने खड़े किए हाथ

मैराथन वार्ता के दौरान जो सच सामने आया, उसने सरकारी दावों की पोल खोलकर रख दी। दरअसल, अस्पताल प्रबंधन द्वारा आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पूर्व में कराए गए ऑपरेशनों के एवज में इंप्लांट सप्लायर की एक बड़ी बकाया राशि का भुगतान समय पर नहीं किया गया है।

लंबे समय से बकाया पैसे न मिलने के कारण लाचार होकर सप्लायर ने अस्पताल को नए इंप्लांट्स (हड्डी जोड़ने वाले रॉड, प्लेट्स आदि) की सप्लाई देना बंद कर दिया है। इस प्रशासनिक और वित्तीय लेटलतीफी का सीधा खमियाजा उन गरीब और जरूरतमंद मरीजों को भुगतना पड़ रहा है, जो पूरी तरह आयुष्मान योजना के तहत मुफ्त सर्जरी के भरोसे यहां आए थे।

“मरीजों का हित सर्वोपरि, दरकिनार हो प्रशासनिक पेच”

सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने डिप्टी सुप्रिटेंडेंट से साफ कहा कि फाइलों में कौन सा पेच फंसा है, इससे दर्द से तड़प रहे मरीज और उनके परेशान परिजनों को कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने आग्रह किया कि प्रशासनिक स्तर पर त्वरित निर्णय लेते हुए कोई वैकल्पिक व्यवस्था की जाए और सप्लायर के साथ समन्वय बनाकर तुरंत इंप्लांट की सप्लाई सुचारू कराई जाए।

इस गंभीर हस्तक्षेप के बाद डिप्टी सुप्रिटेंडेंट डॉ. राजकिशोर ने आश्वस्त किया कि वे इस पूरे संकट पर सुप्रिटेंडेंट से तुरंत वार्ता करेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मरीजों के हित को ध्यान में रखते हुए इस समस्या का समाधान बेहद जल्द निकाल लिया जाएगा, ताकि सुचारू रूप से दोबारा सर्जरी शुरू हो सके और वार्ड में पसरी अव्यवस्था को दूर किया जा सके।

Share This Article
"संध्या न्यूज हजारीबाग और झारखंड की स्थानीय खबरों को कवर करने वाली एक समर्पित टीम है, जो निष्पक्ष और तथ्यपरक पत्रकारिता में विश्वास रखती है।"
Leave a Comment
🏠 होम 🔥 ताज़ा ख़बरें 💬 व्हाट्सएप 📺 यूट्यूब
error: Content is protected !!