हजारीबाग: हजारीबाग जिले के कटकमसांडी प्रखंड से एक ऐसी रूह कंपाने वाली और पारिवारिक ताने-बाने को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। प्रखंड की रेबर पंचायत अंतर्गत होरिया गांव में रविवार की देर रात एक मां ने घरेलू कलह और मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर अपने दो बेहद मासूम बच्चों के साथ गहरे कुएं में मौत की छलांग लगा दी। इस आत्मघाती और खौफनाक कदम के कारण पानी में डूबने से दोनों अबोध बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बच्चों की मां को ग्रामीणों ने बेहद नाजुक हालत में कुएं से जिंदा बाहर निकाल लिया, जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। इस दर्दनाक घटना के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है, लेकिन घटना के बाद जो परिस्थितियां बनी हैं, वे कई गंभीर और अनसुलझे सवाल खड़े कर रही हैं।
ढाई साल की मासूम बेटी और एक साल के बेटे की थमी सांसें, चंचला देवी का चल रहा इलाज
प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस वीभत्स हादसे में काल के गाल में समाए मासूमों की पहचान ढाई वर्षीय पुत्री तथा महज एक वर्षीय पुत्र के रूप में हुई है। वहीं, बच्चों को साथ लेकर कुएं में कूदने वाली मां की पहचान चंचला देवी के रूप में की गई है। चंचला देवी की शादी नवाखाप निवासी जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) के राशन दुकानदार टिकेश्वर यादव के पुत्र प्रदीप यादव के साथ हुई थी। बच्चों का पिता प्रदीप यादव गांव से बाहर रहकर टेलर वाहन (भारी व्यावसायिक वाहन) चलाने का कार्य करता है और घर में अक्सर पारिवारिक विवाद होने की बातें सामने आ रही हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, परिवार में पिछले कुछ दिनों से लगातार किसी बात को लेकर गंभीर घरेलू विवाद चल रहा था। रविवार की देर रात भी किसी बात को लेकर विवाद इतना बढ़ा कि चंचला देवी अपने मानसिक संतुलन पर काबू नहीं रख सकी और आधी रात को अपने दोनों कलेजे के टुकड़ों को गोद में लेकर घर के पास स्थित कुएं में कूद गई।
🕵️ पिता को आने से रोका! सुबह 5 बजे हुआ अंतिम संस्कार: उठ रहे कई गंभीर सवाल
इस पूरी घटनाक्रम में सबसे बड़ा और रहस्यमयी मोड़ सोमवार की सुबह तब आया, जब बच्चों के शवों का अंतिम संस्कार किया गया। आम तौर पर ऐसी अप्राकृतिक मौतों में पुलिस पोस्टमार्टम कराती है, लेकिन यहाँ कहानी कुछ और ही बयां कर रही है।
📊 घटनाक्रम और मुख्य कड़ियां (Key Facts):
• मृत बच्चे: ढाई साल की बेटी और एक साल का बेटा (मौके पर मौत)
• पीड़िता: चंचला देवी (अस्पताल में भर्ती, इलाज जारी)
• बच्चों का पिता: प्रदीप यादव (बाहर रहकर टेलर वाहन चालक)
• अंतिम संस्कार: सोमवार सुबह करीब 5 बजे (पिता के पहुंचने से पहले)
• पंचायत बैठक: देर रात मुखिया प्रतिनिधि हलधर यादव के नेतृत्व में हुई बैठक
ग्रामीणों के बीच दबी जुबान से यह चर्चा जोरों पर है कि घटना की सूचना मिलने के बाद बच्चों का लाचार पिता प्रदीप यादव तुरंत घर लौटना चाहता था, लेकिन उसे ससुराल या परिवार के अन्य लोगों द्वारा घर आने से साफ मना कर दिया गया। इतना ही नहीं, प्रदीप यादव के गांव पहुंचने से पहले ही सोमवार की सुबह करीब पांच बजे दोनों मासूम बच्चों के शवों का आनन-फानन में अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस जल्दबाजी ने पूरे मामले को संदिग्ध बना दिया है कि आखिर पुलिसिया जांच से पहले शवों को क्यों जलाया गया?
देर रात तक बैठती रही पंचायत, मुखिया प्रतिनिधि ने साधी चुप्पी
घटना के तुरंत बाद होरिया गांव में तनाव और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आनन-फानन में मामले को दबाने या सुलझाने के उद्देश्य से रेबर पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि हलधर यादव के नेतृत्व में देर रात तक गांव में एक पंचायत भी बुलाई गई। जब इस संबंध में मीडिया कर्मियों ने मुखिया प्रतिनिधि हलधर यादव से संपर्क कर मामले की सच्चाई जाननी चाही, तो उन्होंने केवल इतना स्वीकार किया कि कुएं में डूबने से दो बच्चों की मौत हुई है। इसके अलावा किसी भी प्रकार की विस्तृत जानकारी या अंदरूनी विवाद की बात बताने से उन्होंने साफ तौर पर इनकार कर दिया।
थाना प्रभारी अनुपम प्रकाश का सख्त रुख: “दोषियों पर होगी विधि सम्मत कार्रवाई”
इधर, घटना की भनक लगते ही कटकमसांडी थाना प्रभारी अनुपम प्रकाश भारी पुलिस बल के साथ होरिया गांव पहुंचे और मामले की कमान अपने हाथों में ली। पुलिस की टीम अब मृत बच्चों के परिजनों, ग्रामीणों और चंचला देवी के मायके व ससुराल पक्ष के लोगों से गहन पूछताछ कर रही है। हालांकि, अस्पताल में भर्ती महिला चंचला देवी की स्थिति अभी इतनी स्थिर नहीं है कि वह मजिस्ट्रेट के सामने कोई आधिकारिक बयान दर्ज करा सके।
कटकमसांडी थाना प्रभारी अनुपम प्रकाश ने बताया:
“यह पूरी घटना अत्यंत मर्माहत और विचलित करने वाली है। दो मासूम बच्चों की जान गई है। फिलहाल यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सका है कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और महिला ने यह आत्मघाती कदम क्यों उठाया। पुलिस हर एक पहलू की गंभीरता और वैज्ञानिक तरीके से जांच कर रही है। आनन-फानन में किए गए अंतिम संस्कार और घरेलू विवाद के कोण को भी खंगाला जा रहा है। जांच के दौरान जो भी प्रामाणिक तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर दोषियों के विरुद्ध बिना किसी रियायत के कड़ी विधि सम्मत कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”


