हजारीबाग: सावन के पावन महीने में भाई-बहन के प्रेम और अटूट विश्वास के प्रतीक रक्षाबंधन के त्योहार को लेकर हजारीबाग डाक प्रमंडल ने एक बेहद सराहनीय और संवेदनशील कदम उठाया है। दूर-दराज के क्षेत्रों या सीमाओं पर तैनात भाइयों तक बहनों का स्नेह समय पर और पूरी सुरक्षा के साथ पहुंचाने के संकल्प के साथ डाक विभाग द्वारा विशेष “रक्षा सूत्र अभियान” की शुरुआत की गई है। डाक विभाग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भौगोलिक दूरी चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हो, इस बार रक्षाबंधन के पावन पर्व पर देश या दुनिया के किसी भी कोने में बैठे किसी भी भाई की कलाई अपनी बहन की राखी के बिना सूनी न रहने पाए।
हर मौसम की मार से सुरक्षित रहेगा रक्षा सूत्र, तैनात होगी स्पेशल टीम
इस विशेष अभियान के तकनीकी और व्यावहारिक पक्षों की विस्तृत जानकारी देते हुए सहायक डाक अधीक्षक (सेंट्रल सब डिवीजन हजारीबाग) बी. के. मिश्रा ने बताया कि रक्षाबंधन का त्योहार अमूमन भारी मानसून (बारिश) के मौसम में आता है। ऐसे में कई बार साधारण डाक से भेजी गई राखियां पानी या नमी के कारण खराब हो जाती हैं।
इस गंभीर समस्या के स्थाई समाधान के लिए डाक विभाग ने इस वर्ष विशेष रूप से तैयार किए गए उच्च गुणवत्ता वाले वॉटरप्रूफ लिफाफों की मुकम्मल व्यवस्था की है। बी. के. मिश्रा ने स्पष्ट किया कि त्योहार के दिनों में डाकघरों में बढ़ने वाली भारी भीड़ और आवेदनों के दबाव को देखते हुए सभी प्रमुख डाकघरों में पूरी तरह से समर्पित विशेष काउंटर (Special Counters) खोले जाएंगे। इसके साथ ही इन राखियों की छंटनी करने और उन्हें बिना किसी देरी के समय पर गंतव्य तक सुरक्षित डिलीवर करने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स (विशेष टीम) की तैनाती भी की जा रही है।
💰 बजट फ्रेंडली पॉकेट फ्रेंडली शुल्क का गणित (Fee Breakdown)
डाक विभाग ने इस बार व्यावसायिक लाभ को पीछे छोड़कर सामाजिक सरोकार को प्राथमिकता दी है, ताकि सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले बेहद गरीब परिवार की बहनें भी अपने भाइयों को आसानी से राखी स्पीड पोस्ट कर सकें।
📦 रक्षा सूत्र सेवा का कुल शुल्क संरचना (Pricing Matrix):
• वॉटरप्रूफ लिफाफे की कीमत: ₹10 मात्र
• स्पीड पोस्ट डिलीवरी शुल्क: ₹55 मात्र (देशभर में तीव्रतम डिलीवरी)
• विविध व्यवस्था व प्रबंधन शुल्क: ₹5 मात्र
• कुल एकीकृत पैकेज शुल्क (Total Cost): ₹70 मात्र
विभाग का दृढ़ विश्वास है कि यह बेहद किफायती और सुरक्षित पहल न केवल राखी को समय सीमा के भीतर भाई तक पहुंचाएगी, बल्कि भौगोलिक दूरियों के बीच भी पारिवारिक रिश्तों की मिठास और पवित्र भावनाओं की डोर को पहले से कहीं अधिक मजबूत और अटूट बनाएगी।
🏫 नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने के लिए अनूठी प्रतियोगिता की रूपरेखा
सहायक डाक अधीक्षक बी. के. मिश्रा ने प्रेस विज्ञप्ति में डाक विभाग के एक और बड़े सामाजिक और सांस्कृतिक विजन को साझा किया। उन्होंने बताया कि आज के डिजिटल और स्मार्टफोन के दौर में स्कूली बच्चों और नई पीढ़ी को हमारी समृद्ध भारतीय संस्कृति, पारंपरिक मूल्यों और पारिवारिक रिश्तों की अहमियत से दोबारा गहराई से जोड़ने के लिए डाक विभाग एक अनूठा कार्यक्रम चलाने जा रहा है।
इसके तहत हजारीबाग प्रमंडल के विभिन्न विद्यालयों में बहुत जल्द “राखी बनाओ और भेजो” (Make and Mail Rakhi) नामक एक विशेष प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।
🎨 स्कूली प्रतियोगिता के मुख्य नियम व पुरस्कार:
• गतिविधि: छात्र-छात्राएं स्कूल परिसर में अपने हाथों से आकर्षक और स्वनिर्मित राखियां तैयार करेंगे।
• क्रियान्वयन: छात्र अपनी बनाई राखियों को डाक विभाग के विशेष काउंटरों के जरिए अपने भाइयों को स्पीड पोस्ट करेंगे।
• प्रोत्साहन: प्रतियोगिता के अंत में प्रत्येक स्कूल से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले 10 बच्चों को डाक विभाग द्वारा प्रशस्ति पत्र और मेडल देकर सम्मानित किया जाएगा।
जन-जन तक अभियान पहुंचाने की अपील
डाक विभाग की इस जनहितैषी और सांस्कृतिक पहल का हजारीबाग के खेल, सामाजिक और शैक्षणिक संगठनों ने पुरजोर स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि महज ₹70 में वॉटरप्रूफ लिफाफे के साथ स्पीड पोस्ट की ट्रैकिंग सुविधा मिलना आम जनता के लिए बहुत बड़ी राहत है। डाक विभाग ने जिले के सभी नागरिकों, अभिभावकों और स्कूल प्रबंधकों से इस अभियान को सफल बनाने और बच्चों को इस प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया है।


