विष्णुगढ़ में बुलडोजर एक्शन पर गरजे सांसद: उजाड़े गए फुटपाथ दुकानदारों के बीच पहुंचे; बोले— “रोजी-रोटी पर संकट स्वीकार्य नहीं, आप दोबारा लगाएं दुकान, आपका भाई साथ खड़ा है”

11 जुलाई की कार्रवाई के बाद सैकड़ों परिवारों के सामने भुखमरी की नौबत; प्रशासन के रुख पर उठाए तीखे सवाल, हजारीबाग डीसी से मिलकर स्थाई पुनर्वास का रास्ता निकालेंगे सांसद

संध्या न्यूज-sandhya news
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विष्णुगढ़
मुख्य बिंदु
  • जमीनी निरीक्षण: मांडू विधानसभा क्षेत्र के विष्णुगढ़ हॉस्पिटल चौक पर प्रशासनिक अतिक्रमण हटाओ अभियान के बाद टूटे मलबे और उजाड़े गए दुकानदारों का दर्द जानने सोमवार को सांसद मनीष जायसवाल खुद मौके पर पहुंचे।
  • आजीविका पर प्रहार: 11 जुलाई 2026 को हुई इस ताबड़तोड़ प्रशासनिक कार्रवाई के कारण पिछले 40 से 50 वर्षों से रोजी-रोटी कमा रहे सैकड़ों फुटपाथ दुकानदारों के सामने अचानक पेट पालने का संकट आ खड़ा हुआ है।
  • भेदभाव का आरोप व मांग: दुकानदारों ने प्रखंड मुख्यालय परिसर में अल्पसंख्यक समुदाय की तर्ज पर ही अपने लिए भी पक्की दुकानें आवंटित करने या हॉस्पिटल व प्लस-टू स्कूल की दीवारों के पास व्यवस्थित करने की लिखित मांग उठाई है।
  • जाम का असली सच: सांसद ने स्पष्ट किया कि अस्पताल चौक पर जाम की मुख्य वजह गरीब दुकानदार नहीं, बल्कि मेडिकल प्रतिष्ठानों के बाहर गाड़ियों के लिए 'पार्किंग' की मुकम्मल व्यवस्था न होना है।

हजारीबाग: हजारीबाग जिले के मांडू विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आने वाले विष्णुगढ़ प्रखंड के हॉस्पिटल चौक पर बीते शनिवार को प्रशासन द्वारा चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान के बाद अब सियासत और जन-आक्रोश की लपटें तेज हो गई हैं। वर्षों से फुटपाथ पर छोटी-मोटी गुमटी और दुकान लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करने वाले गरीब दुकानदारों के आशियाने और आजीविका पर चले प्रशासनिक बुलडोजर के बाद सोमवार को हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल सीधे पीड़ित दुकानदारों के बीच पहुंचे। सांसद ने न केवल मलबे में तब्दील हो चुकी दुकानों का बारीकी से निरीक्षण किया, बल्कि फुटपाथ पर बैठकर आंसू बहा रहे पीड़ित परिवारों का हाथ थामकर उन्हें ढांढस बंधाया और प्रशासन के इस अमानवीय रुख के खिलाफ सीधे न्याय दिलाने का शंखनाद कर दिया।

“40-50 साल पुराना रोजगार छीन लिया, अब बच्चे क्या खाएंगे?” — पीड़ित दुकानदारों की आपबीती

निरीक्षण के दौरान फूट-फूट कर रोते हुए स्थानीय दुकानदारों ने सांसद मनीष जायसवाल को एक लिखित आवेदन सौंपा। दुकानदारों ने बताया कि उनकी दो से तीन पीढ़ियां पिछले 40 से 50 वर्षों से इसी विष्णुगढ़ हॉस्पिटल चौक के किनारे छोटी-मोटी दुकानें चलाकर ईमानदारी से गुजर-बसर कर रही थीं। लेकिन 11 जुलाई 2026 को विष्णुगढ़ प्रशासन ने बिना किसी ठोस वैकल्पिक व्यवस्था के अचानक उनकी दुकानों को बलपूर्वक हटा दिया। इस बेरहम कार्रवाई से एक झटके में सैकड़ों परिवारों के चूल्हे ठंडे हो गए हैं और उनके सामने आजीविका का घोर अंधकार छा गया है।

📝 दुकानदारों का तीन सूत्रीय फॉर्मूला: “हम किराया देने को भी हैं तैयार”

प्रभावित दुकानदारों ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए सांसद के सामने एक तार्किक समाधान और मांग पत्र भी रखा, जिसे लेकर वे लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं।

📋 दुकानदारों के आवेदन की मुख्य मांगें और सुझाव:
• समानता का अधिकार: प्रखंड मुख्यालय परिसर में जिस प्रकार अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के लिए दुकानें आवंटित की गई हैं, वैसी ही व्यवस्था इनके लिए भी हो।
• वैकल्पिक स्थल: हॉस्पिटल की दीवार से सटे क्षेत्र या +2 उच्च विद्यालय की बाउंड्री के किनारे दुकानें विकसित की जाएं।
• राजस्व देने का वादा: दुकानदार प्रशासन द्वारा तय की गई उचित राशि (किराया) का नियमित भुगतान करने को तैयार हैं।
• सामाजिक सरोकार: इस राशि का उपयोग विष्णुगढ़ की स्वच्छता और विकास कार्यों के लिए किया जा सकता है।

सांसद मनीष जायसवाल ने दुकानदारों की एक-एक बात को बेहद संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ सुना। उन्होंने तुरंत घोषणा की कि विकास और सौंदर्यीकरण के नाम पर गरीबों के पेट पर लात मारना किसी भी जिम्मेदार व्यवस्था को शोभा नहीं देता। वे इस पूरे पुनर्वास के मुद्दे को हजारीबाग के उपायुक्त (डीसी) के समक्ष बेहद मजबूती से उठाएंगे।

जाम का ठीकरा गरीबों पर क्यों? पार्किंग का इंतजाम करे सरकार: मनीष जायसवाल

मौके पर मौजूद मीडिया कर्मियों और भारी जनसमूह से मुखातिब होते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने प्रशासनिक तंत्र की दुखती रग पर हाथ रखा। उन्होंने कहा कि विष्णुगढ़ हॉस्पिटल चौक पर लगने वाले जाम के दो प्रमुख कारण हैं और दोनों की चाबी प्रशासन के पास ही है। चौक पर अस्पताल होने के कारण बड़ी संख्या में मरीज, एम्बुलेंस और नामी चिकित्सक आते हैं। लेकिन यहाँ के मेडिकल प्रतिष्ठानों, दुकानों और आम नागरिकों के वाहनों के लिए दूर-दूर तक कोई ‘पार्किंग’ व्यवस्था नहीं है, जिससे गाड़ियां सड़क पर खड़ी होती हैं और रास्ता संकरा हो जाता है। प्रशासन को अपनी नाकामी छुपाने के लिए गरीबों की दुकानें तोड़ने के बजाय वहां प्रभावी पार्किंग व्यवस्था लागू करनी चाहिए और पुलिस को यातायात प्रबंधन दुरुस्त करना चाहिए।

“जब व्यापारी खुद पीछे हटने को तैयार थे, तो यह तानाशाही क्यों?”

सांसद मनीष जायसवाल ने प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल दागते हुए कहा कि स्थानीय व्यापारियों ने उन्हें अवगत कराया है कि प्रशासन से उनकी सकारात्मक बातचीत चल रही थी और वे स्वेच्छा से पीछे हटने को तैयार थे। इसके बावजूद जिस प्रकार आनन-फानन में बुलडोजर चलाकर दुकानों को जमींदोज किया गया, वह कई तरह के गंभीर संदेह और सवाल खड़े करता है। किसी भी कार्रवाई में मानवीय दृष्टिकोण और संवेदनशीलता बेहद जरूरी है।

उन्होंने खुले मंच से प्रभावित दुकानदारों का हौसला बढ़ाते हुए कहा:

“आप सभी हिम्मत मत हारिए। किसी भी जिम्मेदार सरकार का यह नैतिक कर्तव्य है कि वह किसी का रोजगार छीनने से पहले उसे वैकल्पिक जगह पर बसाए। आज के इस दौर में बेरोजगारी खुद एक अभिशाप है, ऐसे में कठिन परिस्थितियों में मेहनत करने वालों को सड़क पर लाना पाप है। मैं आप सभी से कहता हूँ कि आप पुनः अपनी दुकानें लगाएं और अपना स्वाभिमान का व्यवसाय शुरू करें। इस लड़ाई में आपका यह भाई और सांसद हर मोड़ पर आपके साथ खड़ा रहेगा। मैं जल्द ही हजारीबाग डीसी से समय लेकर इस मामले का एक स्थाई और सम्मानजनक समाधान सुनिश्चित कराऊंगा।”

क्षेत्र के सैकड़ों गणमान्य नेताओं और नागरिकों का मिला भारी समर्थन

सांसद मनीष जायसवाल के इस आक्रामक और सुरक्षात्मक रुख का पूरे विष्णुगढ़ बाजार ने तालियों के साथ स्वागत किया। इस मौके पर मुख्य रूप से अध्यक्ष रवि पाण्डेय, स्थानीय सांसद प्रतिनिधि रविंद्र कुमार वर्णवाल उर्फ दीपू भाई, मुखिया निर्मल कुमार, पंचायत समिति सदस्य मुन्नी देवी, पूर्व मंडल अध्यक्ष किशोर कुमार मंडल, पूर्व मुखिया अशोक गुप्ता, सुनील मिश्रा, प्रभु विश्वकर्मा उपस्थित रहे। उनके अलावा अशोक कुमार, संदीप लहकार, संदीप कसेरा, जीवन सोनी, प्रभाकर मिश्रा, आकाश कसेरा, नन्दन कुमार, विजय कुमार, राजू श्रीवास्तव, मुरली महतो, लखन प्रसाद, संतोष साव, लाटो साव, सुशील महतो, बबलू वर्मा, कन्हैया यादव, राकेश वर्मा, द्वारिका साव, पप्पू ठाकुर, बसंत साव, चेतन कुमार, इजराइल अंसारी, पवन कुमार, सुमन भारती, पंकज कुमार, शेखर कुमार, डब्लू कुमार, अयोध्या प्रसाद वर्मन, कुंदन शर्मा, मनीष ठाकुर, डब्लू वर्णवाल, अमित कुमार, राजेश कुमार लहरी, उपेन्द्र कुमार ठाकुर, सुरेश साव, शंकर दयाल चौधरी, मनोज कुमार चौरसिया, अमन कुमार, आशीष कुमार, सुबोध कुमार पाण्डेय, आकाश राणा, विक्रम कसेरा, सुनील कसेरा, मनीष कुमार, मो. मंसूर आलम, विकास कुमार, अरविंद लहकार एवं सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी सहित हजारों की संख्या में स्थानीय नागरिक और पीड़ित दुकानदार मुख्य रूप से मौजूद रहे।

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