हजारीबाग: हजारीबाग शहर के खेल प्रेमियों, एथलीटों, उभरते हुए खिलाड़ियों और दैनिक रूप से सुबह-शाम मॉर्निंग व ईवनिंग वॉक करने वाले आम नागरिकों के लिए एक बेहद बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। शहर के हृदय स्थली माने जाने वाले वीर कुंवर सिंह स्टेडियम के चारों ओर स्थित लगभग 800 मीटर लंबे बाहरी पथ (आउटर ट्रैक) का रविवार को पूरी तरह से कायाकल्प कर दिया गया। हजारीबाग नगर निगम के महापौर अरविंद राणा की विशेष पहल और दूरदर्शी सोच के कारण इस पूरे मार्ग पर एक सघन और व्यापक विशेष सफाई अभियान चलाया गया। वर्षों से उचित रखरखाव और प्रशासनिक उपेक्षा के कारण यह पूरा ट्रैक विशाल झाड़ियों, खरपतवारों और जंगली अवांछित पौधों से पूरी तरह ढक चुका था, जिसे नगर निगम की टीम ने भारी जेसीबी मशीनों की मदद से महज कुछ ही घंटों के भीतर चकाचक कर दिया।
“वर्ष 2011 में निर्माण के बाद पहली बार चला बुलडोजर, खुला बंद रास्ता”
स्टेडियम प्रबंधन और स्थानीय खेल संघों से जुड़े लोगों ने बताया कि वर्ष 2011 में इस भव्य स्टेडियम के निर्माण और उद्घाटन के बाद यह पहला मौका है, जब इस 800 मीटर लंबे बाहरी मार्ग की इतने बड़े पैमाने पर मुकम्मल सफाई कराई गई है। लंबे समय से देखरेख के अभाव में यह पूरा रास्ता पूरी तरह से ब्लॉक हो चुका था, जिसके कारण सुबह और शाम को टहलने वाले वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, धावकों और स्थानीय मोहल्ले के लोगों को भारी दिक्कतों और हादसों का सामना करना पड़ रहा था। घने जंगलों और झाड़ियों के कारण दिन ढलते ही इस आउटर ट्रैक पर असामाजिक तत्वों और नशेडियों का जमावड़ा शुरू हो जाता था, जिससे खिलाड़ियों, विशेषकर महिला खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर हमेशा एक बड़ा खतरा और आशंका बनी रहती थी।
🏛️ खेल सुविधाओं का विस्तार: दबाव कम करने के लिए नगर निगम का ‘मास्टर प्लान’
इस सफाई अभियान की सबसे खास बात यह रही कि खुद महापौर अरविंद राणा ने अपनी उपस्थिति में मौके पर खड़े होकर पूरे कार्य की निगरानी की और सफाई व्यवस्था को गति दी। इस अभियान को धरातल पर उतारने में जिला खेल पदाधिकारी का भी बेहद महत्वपूर्ण और सराहनीय सहयोग रहा।
🏟️ स्टेडियम विकास रणनीति (Strategic Overview):
• कुल साफ किया गया ट्रैक: लगभग 800 मीटर लंबा आउटर पाथवे
• वर्तमान स्थिति: आवागमन पूरी तरह सुगम, वॉकर्स के लिए पूरी तरह सुरक्षित
• खिलाड़ियों को लाभ: मुख्य मैदान के अंदर फुटबॉल-एथलेटिक्स प्रैक्टिस के लिए मिलेगा अधिक स्पेस
• अतिरिक्त कदम: सेंट स्टीफन विद्यालय के समीप मैदान को भी खेल के लिए किया गया तैयार
सफाई के बाद वॉकर्स और खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए महापौर अरविंद राणा ने अपने इस कदम के पीछे के बड़े विजन को साझा किया।
महापौर अरविंद राणा ने कहा:
“वीर कुंवर सिंह स्टेडियम के इस 800 मीटर लंबे बाहरी पथ के दोबारा पूरी तरह चालू हो जाने से शहर के सुबह-शाम टहलने वाले आम नागरिक और बुजुर्ग अब मुख्य मैदान के बजाय बाहर के इस साफ-सुथरे ट्रैक का उपयोग कर सकेंगे। इसका सबसे बड़ा और सीधा फायदा हमारे उन युवा खिलाड़ियों को होगा जो राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए स्टेडियम के भीतर कड़ा अभ्यास करते हैं। वॉकर्स के बाहर शिफ्ट होने से खिलाड़ियों को अंदर दौड़ने, फुटबॉल खेलने और अन्य खेल गतिविधियों को बिना किसी बाधा के बेहतर ढंग से संचालित करने के लिए एक बहुत बड़ा और अतिरिक्त स्थान (स्पेस) मिल सकेगा।”
सेंट स्टीफन मैदान की तरह अन्य मैदानों को भी संवारने की योजना
महापौर ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि हजारीबाग शहर में खेल सुविधाओं के निरंतर विस्तार और जिले की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर का माहौल उपलब्ध कराने की दिशा में नगर निगम प्रशासन लगातार रणनीतिक रूप से कार्य कर रहा है। वीर कुंवर सिंह स्टेडियम पर खिलाड़ियों और विभिन्न खेल अकादमियों के बढ़ते दबाव को कम करने के लिए नगर निगम ने पूर्व में एक और बड़ी पहल की थी। इसके तहत सेंट स्टीफन विद्यालय के समीप स्थित एक बड़े और लावारिस पड़े मैदान की व्यापक सफाई कराकर उसे खेल गतिविधियों के लिए पूरी तरह से तैयार किया गया था, ताकि शहर के विभिन्न हिस्सों के खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए एक बेहतरीन अतिरिक्त मैदान मिल सके।
खिलाड़ियों और मॉर्निंग वॉकर्स ने खुलकर जताया महापौर का आभार
वर्षों पुरानी इस गंभीर समस्या के महज एक घंटे के भीतर समाधान हो जाने पर हजारीबाग के खेल जगत और आम नागरिकों में भारी खुशी की लहर है। स्थानीय फुटबॉल, क्रिकेट और एथलेटिक्स के खिलाड़ियों के साथ-साथ हर रोज सुबह टहलने वाले नागरिकों के एक बड़े समूह ने महापौर अरविंद राणा की इस त्वरित और जनहितैषी पहल का जोरदार स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि 15 वर्षों बाद इस बाहरी पथ की मुकम्मल सफाई होने से न केवल खिलाड़ियों की सुरक्षा और आवागमन बेहद सुगम होगा, बल्कि पूरे वीर कुंवर सिंह स्टेडियम परिसर की सुंदरता और गरिमा में भी एक उल्लेखनीय और बड़ा प्रशासनिक सुधार दिखाई देगा।


