इलेक्टोरल बॉन्ड, राहत सामग्री और एनएच की बदहाली को लेकर उठाए सवाल; कहा- धार्मिक भावनाओं के बजाय विकास के मुद्दों पर हो राजनीति
हजारीबाग। कांग्रेस जिलाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री जय प्रकाश भाई पटेल ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए हजारीबाग की जनता से आगामी चुनावों में सोच-समझकर प्रतिनिधि चुनने की अपील की। प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने सवाल उठाया कि जनता को यह तय करना होगा कि वह अपना प्रतिनिधि जननेता को चुनेगी या पूंजीपति को। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की राजनीति में जनहित से अधिक व्यक्तिगत और व्यावसायिक हितों को प्राथमिकता दी जा रही है।
पटेल ने चुनावी चंदे और इलेक्टोरल बॉन्ड का मुद्दा उठाते हुए भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि चुनाव और टिकट वितरण में बड़े पैमाने पर धनबल के इस्तेमाल को लेकर जनता के बीच सवाल हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति का उद्देश्य जनता की सेवा होना चाहिए, न कि व्यक्तिगत या कारोबारी हितों को आगे बढ़ाना।
राहत सामग्री वितरण पर भी साधा निशाना
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने भाजपा नेताओं के राहत सामग्री वितरण और जनसंपर्क अभियानों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीबों और जरूरतमंदों की मदद के नाम पर छोटी-छोटी राहत सामग्री देकर फोटो खिंचवाने की राजनीति की जाती है। उन्होंने कहा कि उनके और उनके समर्थकों की ओर से जरूरतमंदों की सहायता के दौरान बड़ी मात्रा में अनाज और खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जाती है, लेकिन उसका प्रचार नहीं किया जाता।
एनएच की बदहाली को लेकर सरकार पर हमला
पटेल ने चौपारण और बरही क्षेत्र से गुजरने वाले नेशनल हाईवे की स्थिति को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सड़क की बदहाल स्थिति और यातायात व्यवस्था की समस्याओं के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और सड़क हादसों में लोगों की जान जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधियों को इन बुनियादी समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने भाजपा नेताओं की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि बंद जैसे राजनीतिक आह्वानों के दौरान भी कुछ व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खुले रहने से उनकी राजनीतिक प्रतिबद्धता पर सवाल खड़े होते हैं।
धार्मिक भावनाओं के बजाय विकास पर हो राजनीति
जय प्रकाश भाई पटेल ने भाजपा पर धार्मिक भावनाओं का इस्तेमाल कर चुनावी लाभ लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के नाम पर वोट मांगने के बजाय राजनीतिक दलों को सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसे वास्तविक मुद्दों पर जनता के सामने जवाब देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जनता को जाति, धर्म और भावनात्मक मुद्दों से ऊपर उठकर क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता देनी चाहिए। पटेल के इन बयानों के बाद हजारीबाग की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने के आसार हैं।


