हजारीबाग: हजारीबाग संसदीय क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्गों की स्थिति को सुधारने और नए बाईपास व रिंग रोड के जरिए शहर को जाम मुक्त बनाने की दिशा में सांसद मनीष जायसवाल ने बड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार को हजारीबाग स्थित सांसद सेवा कार्यालय में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) के कार्यपालक अभियंता एवं उनकी तकनीकी टीम के साथ सांसद ने एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में हजारीबाग में संचालित एवं प्रस्तावित कई महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई।
राज्य सरकार की लेटलतीफी के कारण अटकी बगोदर–सिंघानी परियोजना
बैठक के दौरान बगोदर–सिंघानी सड़क (NH-522) परियोजना की विस्तृत समीक्षा में एक बड़ा खुलासा हुआ। इस बेहद महत्वपूर्ण परियोजना के लिए केंद्र की ओर से लगभग ₹366 करोड़ की भूमि अधिग्रहण राशि निर्धारित की गई थी, लेकिन राज्य सरकार के ढीले रवैये के कारण अब तक मात्र ₹70 करोड़ का ही भूमि अधिग्रहण संभव हो सका है।
परियोजनाओं को गति देने और राज्य सरकार की विफलता को लेकर सांसद मनीष जायसवाल का कड़ा रुख सामने आया है:
”राज्य सरकार की सुस्ती के कारण इतनी बड़ी और जनहित की सड़क परियोजना अधर में लटकी है। हमने परियोजना से जुड़े सभी आवश्यक तथ्य, आंकड़े और विवरण एकत्रित कर लिए हैं। अब इस गंभीर विषय को केंद्र सरकार और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाया जाएगा, ताकि सभी अड़चनों को दूर कर इस परियोजना को शीघ्र आगे बढ़ाया जा सके।”
हजारीबाग मेन रोड की जर्जर स्थिति और नाली समस्या का होगा एकमुश्त समाधान
बैठक में हजारीबाग शहर की लाइफलाइन यानी मेन रोड की जर्जर स्थिति, पानी के रिसाव तथा समुचित ड्रेनेज (नाली) व्यवस्था के अभाव से आम जनता को होने वाली परेशानियों पर भी गंभीरता से चर्चा हुई। सांसद ने विशेष रूप से सिंघानी से इंद्रपुरी चौक तथा इंद्रपुरी चौक से खिरगांव होते हुए सुल्ताना तक की बदहाली पर चिंता जताई। उन्होंने अधिकारियों को एक स्थायी एवं सुदृढ़ समाधान सुनिश्चित करने के लिए तत्काल ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि जलजमाव और टूटी सड़कों की समस्या का हमेशा के लिए खात्मा हो सके।
हजारीबाग रिंग रोड: सिलवार से सलगा तक बाईपास की तैयारी
बैठक का एक और मुख्य एजेंडा एनएच-522 पर सिलवार से प्रारंभ होकर कटकमदाग प्रखंड के सलगा तक प्रस्तावित ‘हजारीबाग रिंग रोड’ की स्वीकृति और इसकी प्रगति रही। यह रिंग रोड हजारीबाग शहर के प्रमुख और व्यस्त मार्गों को पूरी तरह बाईपास करेगी, जिससे भारी वाहनों और बाहर से आने-जाने वाले यातायात का दबाव शहर के भीतर काफी हद तक कम हो जाएगा। इस बेहद महत्वपूर्ण परियोजना की प्रशासनिक और तकनीकी स्वीकृति प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा कराने पर विशेष जोर दिया गया।


