हजारीबाग के समाहरणालय सभागार में बुधवार, 8 जुलाई को उपायुक्त (डीसी) हेमंत सती की अध्यक्षता में एक अत्यंत महत्वपूर्ण अंतर्विभागीय समन्वय समिति की बैठक संपन्न हुई। इस उच्चस्तरीय बैठक का मुख्य उद्देश्य जिला स्तर के विभिन्न सरकारी विभागों के बीच बेहतर और मजबूत समन्वय स्थापित करना था, ताकि जनहित से जुड़ी तमाम विकास योजनाओं का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जा सके। बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त हेमंत सती ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कई बार अलग-अलग विभागों के बीच आपसी तालमेल और समन्वय के अभाव में महत्वपूर्ण जन-कल्याणकारी योजनाएं फाइलों में अटकी रह जाती हैं या समय पर पूरी नहीं हो पाती हैं। डीसी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि ऐसे सभी पेंडिंग मामलों का त्वरित समाधान कर धरातल पर कार्यों को गति देना ही इस बैठक का प्रमुख एजेंडा है।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने जनता दरबार और केंद्र व राज्य सरकार के पीजी पोर्टल (PG Portal) पर आम जनता द्वारा दर्ज कराए गए लंबित मामलों की वन-टू-वन समीक्षा की। इसके साथ ही स्वास्थ्य, नगर निगम, वन एवं पर्यावरण, भवन निर्माण, समाज कल्याण, विद्युत, कृषि, भू-संरक्षण, पशुपालन, जेएसएलपीएस (JSLPS), खाद्य आपूर्ति, सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, खेल तथा सहकारिता विभाग से जुड़े विभिन्न लंबित एवं आपसी तालमेल से संबंधित मामलों पर घंटों विस्तार से विचार-विमर्श किया गया और अधिकारियों को कड़े टास्क सौंपे गए।
स्वास्थ्य व शिक्षा में सुधार सर्वोच्च प्राथमिकता; बड़कागांव व इचाक के लिए विशेष निर्देश
ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने कड़े निर्देश जारी किए। बड़कागांव स्थित गोंदलपुरा स्वास्थ्य उपकेंद्र के निर्माण में आ रही भूमि प्रतिवेदन की समस्या को दूर करने के लिए उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारी (सदर) को निर्देशित किया कि आगामी 15 जुलाई तक हर हाल में उक्त भूमि का ले-आउट तैयार कराएं। वहीं, इचाक प्रखंड के बोंगा स्वास्थ्य उपकेंद्र को भी 15 जुलाई तक किसी भी स्थिति में सुचारू रूप से प्रारंभ करने का अल्टीमेटम दिया गया। उपायुक्त ने सिविल सर्जन और संबंधित अभियंताओं को जिले के सभी स्वास्थ्य उपकेंद्रों में बिजली, शुद्ध पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
दूसरी तरफ, शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए उपायुक्त ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में विभिन्न समितियों के अध्यक्ष होने के नाते स्थानीय सरकारी विद्यालयों का नियमित और औचक निरीक्षण करें। डीसी ने कहा कि अधिकारी केवल फाइलों तक सीमित न रहें, बल्कि स्कूलों में जाकर पठन-पाठन की वास्तविक गुणवत्ता की जांच करें और उसमें सुधार लाएं।
मैया सम्मान योजना के अयोग्य लाभुकों पर कसेगा शिकंजा; अंचल अधिकारियों को भूमि चिन्हित करने का आदेश
समाज कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि जिले में कई आंगनबाड़ी केंद्र भवनहीन हैं और किराए या अन्य स्थानों पर चल रहे हैं। इस पर उपायुक्त ने सभी अंचल अधिकारियों (CO) को सख्त निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्र के पोषक क्षेत्र (कैचमेंट एरिया) के समीप ही आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण के लिए उपयुक्त सरकारी भूमि को तत्काल चिन्हित करें। इसके साथ ही विद्युत विभाग को निर्देश दिया गया कि वे प्राथमिकता के आधार पर जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में परमानेंट बिजली कनेक्शन और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करें।
सामाजिक सुरक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने पेंशन स्वीकृति की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और पूरी सावधानी बरतने की हिदायत दी। उन्होंने अधिकारियों को ‘मुख्यमंत्री मईया सम्मान योजना’ के तहत वैसे लाभुकों की स्क्रूटनी करने का निर्देश दिया जो इस योजना की शर्तों को पूरा नहीं करते हैं। डीसी ने स्पष्ट कहा कि योजना के अयोग्य लाभुकों की एक अलग विस्तृत सूची तैयार की जाए ताकि केवल जरूरतमंद और पात्र महिलाओं को ही इसका सीधा लाभ मिल सके।
कृषि, खाद्य आपूर्ति और खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने पर जोर
कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने कृषि क्षेत्र में मानव बल की कमी को दूर करने के लिए एटीएम (ATM) और बीटीएम (BTM) की नियुक्ति हेतु शीघ्र विज्ञापन प्रकाशित करने का आदेश दिया। साथ ही, खरीफ सीजन को देखते हुए सभी प्रखंडों में सरकारी बीज वितरण की अद्यतन और वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग की समीक्षा के दौरान डीसी ने नए अनाजों के गोदामों के निर्माण की प्रशासनिक प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया और सभी बीडीओ को अपने-अपने क्षेत्र के गोदामों का नियमित रूप से भौतिक निरीक्षण (Physical Inspection) करने की जिम्मेदारी सौंपी।
प्रखंड स्तर पर दबी हुई खेल प्रतिभाओं को तराशने के लिए उन्होंने बीडीओ से ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध खेल संसाधनों और संभावित खेल गतिविधियों की विस्तृत जानकारी ली और युवाओं को प्रोत्साहित करने को कहा। बैठक के समापन पर उपायुक्त हेमंत सती ने आगामी चुनावों के मद्देनजर सभी संबंधित अधिकारियों को भारत निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े कार्यों को पूरी गंभीरता, संवेदनशीलता और समयबद्धता के साथ पूरा करने का अंतिम निर्देश दिया।
बैठक में इन शीर्ष अधिकारियों की रही गरिमामयी मौजूदगी
इस उच्चस्तरीय और महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में मुख्य रूप से उप विकास आयुक्त (DDC) श्रीमती रिया सिंह, वन प्रमंडल पदाधिकारी (DFO) उज्ज्वल कुमार, अपर समाहर्ता (AC) महेंद्र छोटन उरांव, सदर अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) आदित्य पांडेय, एसडीओ जोहन टुडू, प्रशिक्षु आईएएस सुश्री पूर्वा अग्रवाल सहित जिले के तमाम जिला स्तरीय पदाधिकारी, सभी अंचलाधिकारी (CO), सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) एवं विभिन्न तकनीकी विभागों के कार्यपालक अभियंता उपस्थित थे।


