हजारीबाग नगर निगम कार्यालय के पांचवे तल्ले पर स्थित सभागार कक्ष में बुधवार को महापौर (मेयर) अरविंद राणा की अध्यक्षता में नगर निगम की साधारण बोर्ड बैठक बेहद गंभीर, विस्तृत और ऐतिहासिक फैसलों के साथ संपन्न हुई। सुबह करीब 11:30 बजे राष्ट्रगान के साथ शुरू हुई यह उच्चस्तरीय बैठक शाम 4:00 बजे तक यानी पूरे 5 घंटे तक अनवरत चली। इस मैराथन बैठक में शहर के चहुंमुखी विकास, लंबित पड़ी जन-कल्याणकारी योजनाओं, राजस्व वृद्धि और बुनियादी नागरिक समस्याओं के समाधान को लेकर एक मुकम्मल और ठोस रोडमैप तैयार किया गया।
- निर्माण कार्यों में अनियमितता और सूचना बोर्ड गायब होने पर फूटा गुस्सा
- पेयजल संकट पर अभियंता अरुण कुमार को झाड़, अवैध होर्डिंग-पार्किंग की जांच के लिए कमेटी गठित
- 37 करोड़ की योजनाओं को मंजूरी; 50 तालाबों के जीर्णोद्धार से हटेगा अतिक्रमण
- शिवपुरी नाला और कोनार नदी छठ घाट सहित 42 बड़ी योजनाओं के लिए सांसद का दिल्ली प्लान
- मानसून से निपटने के लिए 150 अतिरिक्त श्रमिक तैनात, जनता से प्लास्टिक न फेंकने की अपील
इस बैठक का एक बेहद गौरवपूर्ण और भावनात्मक पहलू यह रहा कि हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के माननीय सांसद मनीष जायसवाल पहली बार पदेन सदस्य के रूप में इसमें सम्मिलित हुए। यह अवसर उनके लिए विशेष था क्योंकि उन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत इसी नगर निगम की चौखट से उपाध्यक्ष के रूप में की थी। सदन में पहुंचने पर महापौर अरविंद राणा, उप महापौर अविनाश कुमार यादव और नगर आयुक्त ओमप्रकाश गुप्ता ने सांसद मनीष जायसवाल को शॉल ओढ़ाकर और पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका भव्य अभिनंदन किया, वहीं तमाम वार्ड पार्षदों और अधिकारियों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका स्वागत किया।
निर्माण कार्यों में अनियमितता और सूचना बोर्ड गायब होने पर फूटा गुस्सा
बैठक का सबसे बड़ा और कड़ा निर्णय नगर निगम के कार्यपालक अभियंता के खिलाफ ‘निंदा प्रस्ताव’ पारित करना रहा। सदन ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में आ रही गंभीर अनियमितताओं, पेयजल आपूर्ति में लगातार मिल रही शिकायतों और सबसे बड़ी बात—विकास योजनाओं के कार्यस्थलों पर अनिवार्य ‘सूचना बोर्ड’ नहीं लगाए जाने को अधिकारियों की घोर लापरवाही माना।
महापौर अरविंद राणा ने कड़े शब्दों में कहा कि कार्यस्थलों पर सूचना बोर्ड न होने से आम जनता को योजना की कुल लागत, कार्य की अवधि, संवेदक (ठेकेदार) का नाम और कार्य की प्रगति जैसी बुनियादी जानकारियों का पता नहीं चल पाता, जिससे व्यवस्था की पारदर्शिता पूरी तरह प्रभावित होती है। इन मुद्दों को जनहित के खिलाफ मानते हुए महापौर ने कार्यपालक अभियंता के खिलाफ सदन में निंदा प्रस्ताव रखा, जिसे पूरे सदन ने सर्वसम्मति से पारित कर दिया। मेयर ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जनहित से जुड़े कार्यों में गुणवत्ता से समझौता करने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके विरुद्ध सीधे नियमानुसार बड़ी कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।
पेयजल संकट पर अभियंता अरुण कुमार को झाड़, अवैध होर्डिंग-पार्किंग की जांच के लिए कमेटी गठित
बैठक के दौरान शहर की पेयजल आपूर्ति व्यवस्था में आ रही दिक्कतों का मुद्दा सबसे ज्यादा हावी रहा। नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में पानी की किल्लत और जलापूर्ति में बरती जा रही ढिलाई को लेकर महापौर अरविंद राणा ने कड़ा रुख अख्तियार किया। मेयर ने आम जनता को मिल रहे लचर पेयजल और जनसमस्याओं के प्रति संवेदनहीनता दिखाने को लेकर पेयजल आपूर्ति विभाग के अभियंता अरुण कुमार को पूरे सदन के सामने कड़ी फटकार लगाई और तत्काल व्यवस्था सुधारने का अल्टीमेटम दिया।
इसके साथ ही, नगर निगम की आय बढ़ाने और वित्तीय अनियमितताओं पर लगाम लगाने के लिए भी बड़ा फैसला लिया गया। शहर में चल रहे अवैध होर्डिंग और अवैध पार्किंग की बारीकी से जांच करने के लिए अपर आयुक्त की अध्यक्षता में एक विशेष ‘जांच समिति’ (इन्वेस्टिगेशन कमेटी) गठित करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा, शहर को स्वच्छ बनाने के लिए घर-घर कचरा संग्रहण (डोर-टू-डोर गार्बेज कलेक्शन) व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावी और सुचारू करने के लिए दो दिनों के भीतर नया रूट मैप जारी करने का कड़ा निर्देश दिया गया।
37 करोड़ की योजनाओं को मंजूरी; 50 तालाबों के जीर्णोद्धार से हटेगा अतिक्रमण
बैठक में विकास योजनाओं की वित्तीय स्थिति और बजट आवंटन को लेकर बेहद गंभीर वित्तीय समीक्षा की गई। सदन में 13वें एवं 16वें वित्त आयोग की योजनाओं के तहत उपलब्ध राशि का शत-प्रतिशत और शीघ्र उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि शहर के विभिन्न वार्डों से प्राप्त लगभग 37 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी विकास योजनाओं को जल्द से जल्द प्रशासनिक स्वीकृति देकर धरातल पर कार्य शुरू कराने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया।
इसी क्रम में महापौर अरविंद राणा द्वारा शहर के कायाकल्प के लिए कुल 25 महत्वपूर्ण प्रस्ताव सदन के पटल पर रखे गए। इन प्रस्तावों में नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लगभग 50 ऐतिहासिक तालाबों और जलस्रोतों का प्रिजर्वेशन, गहरीकरण और सौंदर्यीकरण (ब्यूटीफिकेशन) करने की बात प्रमुखता से शामिल रही। सभी सदस्यों ने इस पर सहमति जताई। तालाबों के संरक्षण के दौरान भू-माफियाओं द्वारा किए गए अवैध अतिक्रमण का मुद्दा भी उठा, जिस पर निगम ने निर्णय लिया कि जल्द ही सभी तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कराकर उनके चारों तरफ मजबूत सुरक्षा दीवार (बाउंड्री वॉल) का निर्माण कराया जाएगा। बैठक में पार्षदों के मानदेय, बिजली व्यवस्था और वार्डवार राजस्व की सूची उपलब्ध कराते हुए आय बढ़ाने के उपायों पर भी निर्देश दिए गए।
शिवपुरी नाला और कोनार नदी छठ घाट सहित 42 बड़ी योजनाओं के लिए सांसद का दिल्ली प्लान
सदन को संबोधित करते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नगर निगम क्षेत्र की सबसे पहली और अनिवार्य प्राथमिकता मजबूत सड़कें, सुदृढ़ नालियां और प्रभावी जल निकासी व्यवस्था होनी चाहिए। आधारभूत सुविधाओं को पूरी तरह दुरुस्त करने के बाद ही अन्य विकास कार्यों को गति दी जानी चाहिए। उन्होंने शहर को सुव्यवस्थित करने के लिए केशव हॉल के समीप नगर निगम की भूमि पर आधुनिक पार्किंग स्थल विकसित करने, पुराना बस स्टैंड स्थित सब्जी मंडी का विस्तार करने, जर्जर भवन हटाने और फुटपाथी दुकानदारों (स्ट्रीट वेंडर्स) के सुविधाजनक पुनर्वास का सुझाव दिया। सांसद ने भरोसा दिलाया कि नगर निगम को यदि साफ-सफाई या ड्रेनेज के लिए किसी भी आवश्यक मशीन, हाई-टेक उपकरण या संसाधनों की जरूरत होगी, तो वे उसे अपनी सांसद निधि से तुरंत उपलब्ध कराएंगे।
बैठक के दौरान शिवपुरी नाला और कोनार नदी में भव्य छठ घाट के निर्माण सहित कुल 42 महत्वाकांक्षी और दूरगामी विकास योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। सांसद मनीष जायसवाल ने इन सभी 42 योजनाओं को लेकर एक बड़ा विजन साझा करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि इनका एक मुकम्मल विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तत्काल तैयार किया जाए। इस डीपीआर को राज्य सरकार के माध्यम से केंद्र सरकार (दिल्ली) को भेजा जाए। सांसद ने पूरी जिम्मेदारी लेते हुए आश्वस्त किया कि वे स्वयं दिल्ली में पैरवी कर इन योजनाओं को पिकअप करवाएंगे और केंद्र सरकार से इसके लिए वित्तीय स्वीकृति दिलाएंगे, जिससे हजारीबाग हमेशा के लिए जलजमाव और बाढ़ जैसी प्राकृतिक विभीषिका से मुक्त हो सके।
मानसून से निपटने के लिए 150 अतिरिक्त श्रमिक तैनात, जनता से प्लास्टिक न फेंकने की अपील
मानसून के आगमन को लेकर जब जलजमाव की चिंताओं पर चर्चा हुई, तो नगर निगम के अधिकारियों ने अपनी मुस्तैदी का दावा पेश किया। नगर आयुक्त ने बताया कि मानसून की दस्तक से पहले ही नगर निगम ने ‘मुख्यमंत्री श्रमिक योजना’ के तहत अतिरिक्त 150 कुशल श्रमिकों को विशेष रूप से काम पर लगाया था। पिछले 15 से 20 दिनों तक चले इस विशेष प्री-मानसून डीप क्लीनिंग अभियान के तहत शहर के कई मुख्य और बड़े नालों की युद्धस्तर पर सफाई और डी-सिल्टिंग कर दी गई है। जो नाले थोड़े-बहुत बचे हैं, वहां निगम के ‘सफाई मित्र’ लगातार मुस्तैदी से काम कर रहे हैं।
निगम अधिकारियों ने दावा किया कि बीते दिनों जिन इलाकों से जलजमाव की शिकायतें आई थीं, वहां खुद अधिकारियों ने तीन-साढ़े तीन घंटे मौके पर खड़े रहकर पानी की निकासी कराई। शहर में जहां से भी जलजमाव की शिकायत आएगी, वहां तत्काल रिलीफ टीम भेजी जाएगी। हालांकि, सांसद मनीष जायसवाल ने निगम को नसीहत दी कि नालों की सफाई के साथ-साथ जनता के बीच एक बड़ा जागरूकता अभियान भी चलाया जाए और उन्होंने नागरिकों से भावुक अपील की कि वे नालों में प्लास्टिक, सॉलिड वेस्ट और ठोस कचरा बिल्कुल न फेंकें, ताकि पानी का बहाव न रुके। बैठक के अंत में महापौर ने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य सभी वार्डों में बिना किसी भेदभाव के समान रूप से विकास कार्यों को गति देना है और जनता से जुड़े प्रत्येक मुद्दे का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।


