हजारीबाग: हजारीबाग शहर में वैसे ही हर साल गर्मी के दिनों में वाटर लेवल (भूजल स्तर) पाताल में चला जाता है, लेकिन इसके बावजूद चंद रसूखदार और बिल्डर माफिया पूरे शहर के पानी को सुखा देने पर आमादा हैं। ताजा मामला मटवारी के समीप कृष्णापुरी गली नंबर 4 का है, जहां नगर निगम के नियमों और आदेशों को सरेआम ठेंगा दिखाते हुए एक मकान में अवैध तरीके से गहरी बोरिंग कराई जा रही थी। इस धांधली का भंडाफोड़ तब हुआ जब स्थानीय वार्ड पार्षद मन्नू पासवान ने सजगता दिखाते हुए मौके पर धावा बोल दिया और नगर निगम की टीम को बुलाकर इस काले खेल को रुकवाया।
“एक घर को जिंदा रखने के लिए क्या 10 घरों को बर्बाद कर दें?”
वार्ड पार्षद मन्नू पासवान ने ग्राउंड जीरो पर इस धांधली को उजागर करते हुए नगर निगम की कार्यशैली और परमिशन देने के तौर-तरीकों पर बेहद तीखे और तार्किक सवाल खड़े किए।
वार्ड पार्षद मन्नू पासवान ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा:
“मुझे स्थानीय नागरिकों ने सूचना दी कि गली में एक नाजायज बोरिंग हो रही है। मैं तुरंत मौके पर पहुंचा और परमिशन पेपर मांगा। उनके पास सिर्फ 200 फीट बोरिंग की अनुमति थी, लेकिन वे खुद सीना तानकर बोल रहे थे कि 290 फीट खोद चुके हैं और 500 फीट पूरा करेंगे, जिसको जो उखाड़ना है उखाड़ ले। इस मुख्य मार्ग के पीछे 400 से अधिक परिवार रहते हैं। यह इस मकान मालिक की तीसरी बोरिंग है! आखिर नगर निगम ऐसे रसूखदारों को बार-बार परमिशन क्यों देता है कि एक रसूखदार घर को जिंदा रखने के लिए पूरे मोहल्ले के 10 घरों को पानी विहीन कर बर्बाद कर दिया जाए?”
पैसे देकर ‘मैनेज’ हो जाता है सिस्टम? जनता ने उठाए सवाल
कृष्णापुरी के स्थानीय निवासियों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि शहर में दिन-ब-दिन लोग बिना किसी डर के अवैध रूप से हैवी कमर्शियल बोरिंग करवा रहे हैं। आखिर इन लोगों के भीतर कानून या निगम की कार्रवाई का कोई डर क्यों नहीं होता? स्थानीय लोगों ने कैमरे के पीछे साफ तौर पर आरोप लगाया कि पैसे दे-दिलाकर नगर निगम के कुछ भ्रष्ट कनिष्ठ कर्मियों को आसानी से मैनेज कर लिया जाता है, जिससे गुपचुप तरीके से 400 से 500 फीट तक धरती का सीना चीर दिया जाता है।
फिलहाल नगर निगम के मार्शल कर्मियों ने बोरिंग का काम पूरी तरह बंद करवा दिया है और गाड़ी को जब्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए फाइल बढ़ा दी है। लेकिन सवाल यह है कि क्या सिर्फ काम रुकवाना काफी है या ऐसे ‘दबंग और अहंकारी’ भू-माफियाओं पर जेल भेजने जैसी सख्त कार्रवाई होगी?


