दर्जनों टोटो पलटने की सूचना, चारपहिया-टेम्पो का आवागमन रोका गया; सिर्फ दोपहिया वाहनों को मिली अनुमति
हजारीबाग। हजारीबाग की सड़कों की बदहाली अब इस स्तर तक पहुंच गई है कि सड़क खराब होने के कारण प्रशासन को रूट डायवर्ट करना पड़ा है। शहर में ऐसा नजारा पहली बार देखने को मिल रहा है, जब किसी सड़क की जर्जर हालत और लगातार बढ़ते हादसों को देखते हुए उस मार्ग पर बड़े वाहनों का आवागमन ही रोकना पड़ा।
मंगलवार को सड़क की खराब स्थिति के बीच दर्जनों टोटो के पलटने और लोगों के घायल होने की सूचना सामने आई। लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बाद प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए संबंधित मार्ग पर टोटो, टेम्पो और चारपहिया वाहनों की आवाजाही रोक दी। फिलहाल केवल दोपहिया वाहनों को मार्ग से गुजरने की अनुमति दिए जाने की बात सामने आई है।
हादसे बढ़े तो बंद करना पड़ा रास्ता
सड़क पर जगह-जगह बने गड्ढे, बारिश का जमा पानी और बदहाल सतह वाहन चालकों के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। खासकर टोटो और ऑटो जैसे छोटे यात्री वाहनों के लिए सड़क की स्थिति बेहद जोखिमपूर्ण हो गई है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक मंगलवार को कई टोटो सड़क पर पलट गए। इन घटनाओं में कई लोगों के घायल होने की बात कही जा रही है। लगातार हादसों ने स्थिति को इतना गंभीर बना दिया कि प्रशासन को यातायात व्यवस्था में तत्काल बदलाव करना पड़ा।
मरम्मत के बजाय रूट डायवर्ट बना तत्काल उपाय
प्रशासन की ओर से रूट डायवर्ट किए जाने से तत्काल तौर पर हादसों को रोकने की कोशिश जरूर की गई है, लेकिन इस फैसले ने सड़क की हालत को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
अगर सड़क पर वाहन चलाना ही सुरक्षित नहीं रह गया और रास्ता बदलना पड़ा, तो फिर सड़क की मरम्मत कब होगी?
लोगों का कहना है कि रूट डायवर्जन स्थायी समाधान नहीं है। सड़क को जल्द से जल्द दुरुस्त करना ही इसका वास्तविक समाधान है।
हजारीबाग के लिए दुर्भाग्यपूर्ण तस्वीर
हजारीबाग जैसे जिला मुख्यालय में सड़क की खराब स्थिति के कारण यातायात का रूट बदलना अपने आप में गंभीर स्थिति को दर्शाता है। जिस सड़क पर आम लोगों, टोटो चालकों और अन्य वाहनों की नियमित आवाजाही होती है, वहां अब बड़े वाहनों को रोकना पड़ा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास के दावों के बीच शहर की मुख्य सड़कों की ऐसी स्थिति बेहद चिंताजनक है। सड़क पर चलने वाले लोगों को सुरक्षित आवागमन मिलना उनकी बुनियादी जरूरत है, लेकिन मौजूदा हालात में लोग सड़क पर निकलने से पहले दुर्घटना के खतरे को लेकर चिंतित हैं।
सवाल सिर्फ रूट डायवर्जन का नहीं, सड़क की मरम्मत का है
प्रशासन ने हादसों की स्थिति को देखते हुए तत्काल कदम उठाया है, लेकिन अब लोगों की नजर सड़क की स्थायी मरम्मत पर है। रूट बदलने से वाहनों का दबाव दूसरे रास्तों पर जाएगा, लेकिन खराब सड़क की मूल समस्या वहीं बनी रहेगी।
हजारीबाग में सड़क की बदहाली के कारण रूट डायवर्ट होना पूरे शहर की व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। मंगलवार को सामने आए हादसों के बाद अब जरूरत सिर्फ यातायात नियंत्रित करने की नहीं, बल्कि सड़क को जल्द सुरक्षित बनाने की है।
हजारीबाग के इतिहास में सड़क की खराब हालत के कारण रूट डायवर्ट किए जाने की यह तस्वीर निश्चित रूप से बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
अब जनता का सीधा सवाल है—हादसे रोकने के लिए रास्ता बदल दिया गया, लेकिन सड़क कब बदलेगी?


