20 एकड़ में तैयार हो रहा अत्याधुनिक कारागार, 238 संवेदनशील बंदियों को रखने की होगी क्षमता; तीन स्तर की सुरक्षा से लैस होगा परिसर
हजारीबाग। झारखंड में संवेदनशील और कुख्यात बंदियों को सुरक्षित रखने के लिए हजारीबाग में तैयार की जा रही हाई सिक्योरिटी जेल अब जल्द ही आकार लेने वाली है। लोकनायक जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा परिसर में करीब 97 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह अत्याधुनिक कारागार निर्माण के अंतिम चरण में पहुंच गया है। निर्माण पूरा होने के बाद राज्य की विभिन्न जेलों में बंद कुख्यात अपराधियों, गैंगस्टरों, नक्सलियों, उग्रवादियों और आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े संवेदनशील बंदियों को यहां शिफ्ट किया जा सकेगा।
- 20 एकड़ में तैयार हो रहा अत्याधुनिक कारागार, 238 संवेदनशील बंदियों को रखने की होगी क्षमता; तीन स्तर की सुरक्षा से लैस होगा परिसर
- सात सेल भवनों में 238 बंदियों की व्यवस्था
- तीन घेरों में होगी सुरक्षा, हर गतिविधि पर रहेगी नजर
- अस्पताल से लेकर स्टाफ क्वार्टर तक की सुविधा
- दिसंबर तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य, जनवरी से एक्टिव होने की तैयारी
- हजारीबाग में बढ़ेगी संवेदनशील बंदियों की सुरक्षा व्यवस्था
करीब 20 एकड़ जमीन में विकसित किए जा रहे इस हाई सिक्योरिटी जेल में कुल 238 बंदियों को रखने की क्षमता निर्धारित की गई है। परिसर की संरचना और सुरक्षा व्यवस्था को इस तरह तैयार किया जा रहा है कि संवेदनशील कैदियों की निगरानी के साथ-साथ जेल की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा भी मजबूत बनी रहे।
सात सेल भवनों में 238 बंदियों की व्यवस्था
प्रस्तावित जेल परिसर में दो मंजिला सात सेल भवन बनाए जा रहे हैं। प्रत्येक सेल भवन में करीब 34 बंदियों को रखने की व्यवस्था होगी। इसके अतिरिक्त लगभग 25 बंदियों की क्षमता वाला अलग वार्ड भी तैयार किया जा रहा है। इस तरह पूरे परिसर में अलग-अलग श्रेणी के संवेदनशील बंदियों को सुरक्षा मानकों के अनुरूप रखने की व्यवस्था होगी।
जेल की डिजाइन में बंदियों की निगरानी और आवाजाही को नियंत्रित करने पर विशेष जोर दिया गया है। निर्माण पूरा होने के बाद यह परिसर राज्य के संवेदनशील बंदियों के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षित केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है।
तीन घेरों में होगी सुरक्षा, हर गतिविधि पर रहेगी नजर
हाई सिक्योरिटी जेल की सबसे बड़ी खासियत इसकी बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था होगी। परिसर में तीन स्तर की सुरक्षा का प्रावधान किया जा रहा है। सुरक्षा निगरानी के लिए संत्री टावर के साथ परिसर के चारों कोनों पर वॉच टावर बनाए जा रहे हैं।
इसके अलावा पूरे परिसर में हाई रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था होगी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सिस्टम भी लगाया जाएगा, जिससे बंदियों से संबंधित आवश्यक न्यायिक और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक सुरक्षित तरीके से संचालित किया जा सकेगा।
सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य जेल परिसर में होने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल नजर रखना और संवेदनशील बंदियों की गतिविधियों की लगातार निगरानी सुनिश्चित करना है।
अस्पताल से लेकर स्टाफ क्वार्टर तक की सुविधा
जेल परिसर में केवल सेल और सुरक्षा ढांचे का निर्माण ही नहीं किया जा रहा है। बंदियों की चिकित्सा जरूरतों को देखते हुए अस्पताल, जबकि जेल के संचालन के लिए प्रशासनिक भवन का भी निर्माण किया जा रहा है। कर्मचारियों के लिए स्टाफ क्वार्टर की व्यवस्था भी परिसर में होगी।
इससे जेल के संचालन के दौरान जरूरी प्रशासनिक, सुरक्षा और चिकित्सा सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध कराने की कोशिश की गई है।
दिसंबर तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य, जनवरी से एक्टिव होने की तैयारी
निर्माण एजेंसी की ओर से दिसंबर तक काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यदि निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा के अनुसार पूरा होता है तो जनवरी से हाई सिक्योरिटी जेल को एक्टिव करने की तैयारी की जा रही है। इसके बाद विभिन्न जेलों में बंद संवेदनशील कैदियों को यहां स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
लोकनायक जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा के अधीक्षक चंद्र शेखर प्रसाद सुमन ने बताया कि जेल निर्माण कार्य की लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि निर्माण में गुणवत्ता के साथ सुरक्षा मानकों का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। काम अंतिम चरण में है और निर्धारित समय के भीतर इसे पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है।
हजारीबाग में बढ़ेगी संवेदनशील बंदियों की सुरक्षा व्यवस्था
हाई सिक्योरिटी जेल के शुरू होने के बाद राज्य की जेल व्यवस्था में हजारीबाग की भूमिका और महत्वपूर्ण हो जाएगी। अत्याधुनिक निगरानी, मजबूत सुरक्षा ढांचे और अलग-अलग श्रेणी के बंदियों को रखने की व्यवस्था के कारण यह जेल राज्य के सबसे संवेदनशील कारागार परिसरों में शामिल हो सकती है। अब नजर इस बात पर है कि निर्माण कार्य कब पूरा होता है और बंदियों को यहां शिफ्ट करने की प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ती है।


