पानी टंकी चौक की बदहाल सड़क का असर अस्पताल परिसर तक, एंबुलेंस को रास्ता दिलाने में जुटे मरीज के परिजन और स्थानीय लोग
हजारीबाग। हजारीबाग में बदहाल सड़कों और बेकाबू ट्रैफिक की परेशानी अब सदर अस्पताल की व्यवस्था पर भी भारी पड़ने लगी है। मंगलवार को सदर अस्पताल से रेफर किए गए मरीज को लेकर आगे के इलाज के लिए निकल रही एंबुलेंस अस्पताल परिसर में ही जाम में फंस गई। करीब आधे घंटे तक एंबुलेंस को बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिला। मरीज एंबुलेंस के अंदर था और परिजन उसे जल्द से जल्द अस्पताल से बाहर निकालकर रेफरल अस्पताल पहुंचाने की कोशिश में परेशान रहे।
आधे घंटे तक एंबुलेंस के लिए नहीं खुला रास्ता
सदर अस्पताल परिसर में वाहनों की भीड़ और अव्यवस्थित आवाजाही के कारण एंबुलेंस आगे नहीं बढ़ पा रही थी। मरीज के परिजनों के साथ साहिल सिंह और उनके कुछ साथियों ने रास्ता खाली कराने की कोशिश की। काफी मशक्कत के बाद एंबुलेंस को परिसर से बाहर निकाला जा सका।
रेफरल मरीज के मामले में समय की अहमियत को देखते हुए परिजनों की बेचैनी बढ़ती रही। अस्पताल से रेफर किए जाने के बाद मरीज को आगे के इलाज के लिए ले जाना था, लेकिन अस्पताल परिसर का जाम ही उसके रास्ते की सबसे बड़ी बाधा बन गया।
पानी टंकी चौक पर सड़क की बदहाली ने बढ़ाई मुश्किल
इस जाम की तस्वीर को अस्पताल परिसर तक सीमित करके नहीं देखा जा सकता। मेन रोड स्थित पानी टंकी चौक के आसपास सड़क की खराब स्थिति पहले से लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। सड़क के गड्ढों और बारिश के पानी के बीच वाहनों को निकलने में दिक्कत हो रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, आज सुबह इसी इलाके में कई ई-रिक्शा के पलटने की घटनाएं भी सामने आईं। इसके बाद वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और जाम का दबाव सदर अस्पताल की तरफ भी बढ़ गया।
सड़क के गड्ढे से शुरू हुई परेशानी अस्पताल तक पहुंची
पानी टंकी चौक की सड़क पर वाहनों की धीमी रफ्तार और जाम का असर अस्पताल आने-जाने वाले लोगों पर पड़ा। स्थिति यहां तक पहुंच गई कि जिस अस्पताल में मरीजों को इलाज के लिए लाया जाता है, वहीं से रेफर मरीज को लेकर निकल रही एंबुलेंस बाहर निकलने के लिए जाम में फंसी रही।
यह तस्वीर सड़क की बदहाली और ट्रैफिक प्रबंधन की समस्या को एक साथ सामने लाती है।
ट्रैफिक संभालने वाला अमला कहां था?
घटना के बाद सदर अस्पताल की ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। अस्पताल परिसर में एंबुलेंस की आवाजाही सबसे जरूरी होती है। ऐसे में रेफरल मरीज को लेकर निकल रही एंबुलेंस के लिए तत्काल रास्ता खाली कराने की व्यवस्था होनी चाहिए।
स्थानीय लोगों का सवाल है कि जब अस्पताल परिसर में ही एंबुलेंस के लिए रास्ता नहीं बचा, तो वहां ट्रैफिक व्यवस्था संभालने वाला अमला क्या कर रहा था?
हजारीबाग की सड़कें लगातार बन रही हैं परेशानी
शहर की सड़कों की बदहाली को लेकर पिछले कुछ दिनों से लगातार आवाज उठ रही है। कहीं गड्ढे हैं तो कहीं बारिश का पानी जमा है। इसी समस्या को लेकर लोगों ने विरोध प्रदर्शन तक शुरू कर दिया है।
अब मामला सिर्फ वाहन चालकों की परेशानी तक नहीं रह गया है। सदर अस्पताल में रेफरल मरीज की एंबुलेंस का जाम में फंसना बताता है कि खराब सड़क और अव्यवस्थित ट्रैफिक का असर सीधे स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच रहा है।
अब स्थायी समाधान की मांग
स्थानीय लोगों की मांग है कि पानी टंकी चौक समेत शहर की खराब सड़कों की स्थायी मरम्मत कराई जाए। साथ ही सदर अस्पताल के भीतर और बाहर ऐसी ट्रैफिक व्यवस्था बनाई जाए, जिसमें एंबुलेंस के लिए किसी भी समय रास्ता बाधित न हो।
क्योंकि मरीज को रेफर करने के बाद अगर उसे लेकर निकलने वाली एंबुलेंस ही जाम में फंस जाए, तो सवाल सड़क से आगे बढ़कर पूरी व्यवस्था की जवाबदेही पर खड़ा होता है।


