न्यू बिल्डिंग के आईसीयू समेत मेडिकल वार्डों में पानी की आपूर्ति ठप, दोनों लिफ्ट भी बंद; त्राहिमाम पत्र के बाद आधे घंटे में बदली गई खराब मोटर
हजारीबाग। शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल की नवनिर्मित न्यू बिल्डिंग में अव्यवस्था और प्रबंधन की कथित लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। न्यू बिल्डिंग के विभिन्न वार्डों में करीब 16 घंटे तक पानी की आपूर्ति बाधित रही। इससे आईसीयू, मेल मेडिकल और फीमेल मेडिकल वार्ड में भर्ती मरीजों के साथ उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। पानी नहीं रहने के कारण पीने के पानी के साथ-साथ शौचालयों में भी परेशानी बनी रही।
- न्यू बिल्डिंग के आईसीयू समेत मेडिकल वार्डों में पानी की आपूर्ति ठप, दोनों लिफ्ट भी बंद; त्राहिमाम पत्र के बाद आधे घंटे में बदली गई खराब मोटर
- आईसीयू तक में पानी की किल्लत
- पानी के साथ लिफ्ट भी बंद
- त्राहिमाम पत्र के बाद प्रशासन तक पहुंचा मामला
- पत्र के बाद आधे घंटे में बदली मोटर, बहाल हुई पानी की आपूर्ति
- लिफ्ट कब होगी चालू, अब इस पर नजर
आईसीयू तक में पानी की किल्लत
जानकारी के अनुसार, न्यू बिल्डिंग में अचानक पानी की आपूर्ति बंद हो गई। बताया गया कि पानी की मोटर खराब होने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई। अस्पताल के संवेदनशील वार्ड आईसीयू में भी नलों से पानी नहीं आने और फ्लश काम नहीं करने से मरीजों और तीमारदारों को परेशानी उठानी पड़ी।
परिजनों को बाहर से पानी खरीदकर लाना पड़ा। गंभीर मरीजों के लिए शौचालय तक पहुंचना और दैनिक जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो गया। सवाल यह उठ रहा है कि अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संस्थान में पानी जैसी बुनियादी सुविधा बाधित होने के बाद वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की गई।
पानी के साथ लिफ्ट भी बंद
समस्या सिर्फ पानी तक सीमित नहीं रही। न्यू बिल्डिंग की दोनों लिफ्ट भी बंद बताई गईं। ऐसे में गंभीर मरीजों और बुजुर्गों को ऊपरी मंजिलों तक ले जाने में परिजनों को परेशानी हुई। कई मरीजों को सीढ़ियों का सहारा लेना पड़ा।
मरीजों के परिजनों से मामले की जानकारी मिलने के बाद सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने अस्पताल प्रबंधन के अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया। आरोप है कि कई जिम्मेदार अधिकारियों ने फोन नहीं उठाया। बाद में हॉस्पिटल मैनेजर की ओर से बताया गया कि पानी की मोटर जल गई है और लिफ्ट के रखरखाव के लिए जल्द टेंडर किया जाएगा।
त्राहिमाम पत्र के बाद प्रशासन तक पहुंचा मामला
लगातार बनी समस्या और मरीजों की परेशानी को देखते हुए रंजन चौधरी ने हजारीबाग उपायुक्त को ‘त्राहिमाम पत्र’ भेजकर मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। पत्र में अस्पताल की व्यवस्था, आउटसोर्स एजेंसियों और संबंधित कर्मियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की गई।
पत्र में सांसद मनीष जायसवाल के दिशा-निर्देशों का भी उल्लेख किया गया। पत्र सामने आने और मामला प्रशासनिक स्तर तक पहुंचने के बाद अस्पताल प्रबंधन हरकत में आया।
पत्र के बाद आधे घंटे में बदली मोटर, बहाल हुई पानी की आपूर्ति
सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि करीब 16 घंटे तक बाधित रही पानी की व्यवस्था त्राहिमाम पत्र के बाद लगभग आधे घंटे में बहाल कर दी गई। अस्पताल प्रबंधन ने नई मोटर लगाकर पानी की आपूर्ति शुरू कर दी।
पानी बहाल होने के बाद मरीजों और उनके परिजनों ने राहत की सांस ली। हालांकि, इस घटनाक्रम ने अस्पताल की व्यवस्था और जवाबदेही पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मरीजों और परिजनों का सवाल है कि यदि मोटर बदलकर महज आधे घंटे में पानी की आपूर्ति बहाल की जा सकती थी, तो इसके लिए 16 घंटे तक इंतजार क्यों करना पड़ा?
लिफ्ट कब होगी चालू, अब इस पर नजर
पानी की समस्या फिलहाल दूर हो गई है, लेकिन न्यू बिल्डिंग की बंद लिफ्टों को लेकर परेशानी बरकरार है। मरीजों और परिजनों का कहना है कि अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को बुनियादी सुविधाओं के लिए इस तरह परेशान नहीं होना चाहिए।
रंजन चौधरी ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच, जिम्मेदार अधिकारियों एवं आउटसोर्स एजेंसियों की भूमिका की समीक्षा तथा भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
अब देखना यह है कि अस्पताल प्रबंधन बंद लिफ्टों को कब तक चालू करता है और 16 घंटे तक पानी की समस्या झेलने वाले मरीजों की परेशानी के लिए जिम्मेदारी आखिर किसकी तय होती है।


